जगदलपुर। रेलवे ने राष्ट्रीय खनिज विकास निगम लिमिटेड (एनएमडीसी) के साथ मिलकर एक दूसरे की ब्रांडिंग करने का फैसला लिया है। इससे रेलवे को जहां आर्थिक फायदा होगा वहीं एनएमडीसी को लौह अयस्क की बिक्री के लिए नए बाजार ढूंढने में मदद मिलेगी। एनएमडीसी ने कंपनी की ब्रांडिंग के लिए वाल्टेयर रेलमंडल की यात्री ट्रेन आंध्रप्रदेश एक्सप्रेस (एपी) को चुना है। यह गाड़ी विशाखापट्नम से नईदिल्ली के बीच संचालित होती है। अप-डाउन दोनों तरफ से संचालित होने वाली इस ट्रेन की बोगियों में एनएमडीसी का विज्ञापन रहेगा। इसके लिए एनएमडीसी सलाना एक करोड़ रुपये रेलवे को देगा।

18 अक्टूबर को एनएमडीसी के अध्यक्ष सह प्रबंधक निदेशक सुमीत देब रेलमंडल मुख्यालय विशाखापट्टनम पहुंचे थे। जहां रेलवे और एनएमडीसी के बीच करार के तहत एपी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर रेलवे की ओर से रेलमंडल प्रबंधक अनूप कुमार सतपथी, सहायक रेलमंडल प्रबंधक सुधीर कुमार गुप्ता व रेलवे और एनएमडीसी के अन्य कई अधिकारी मौजूद थे। ज्ञात हो कि इसके पहले रेलवे ने ऐसा की करार राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआइएनएल) से किया था।

समता एक्सप्रेस से ब्राडिंग कर चुका

आरआइएनएल ने विशाखापट्टनम से हजरत निजामुद्दीन के बीच चलने वाली समता एक्सप्रेस के माध्यम से ब्राडिंग कर चुका है। ज्ञात हो कि सार्वजनिक क्षेत्र की खनन के क्षेत्र में सक्रिय एनएमडीसी देश की सबसे बड़ी लौह अयस्क उत्पादक कंपनी है। इसका अस्सी फीसद कारोबार छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में हैं। यहां से रेलवे एनएमडीसी के लिए सलाना करीब 22 मिलियन टन लौह अयस्क की ढुलाई करता है। इससे रेलवे को एनएमडीसी को औसतन तीन से चार हजार करोड़ रुपये भाड़े के रूप में मिलते हैं।

नगरनार में स्थापित कर रहा संयंत्र

ज्ञात हो कि एनएमडीसी यहां जगदलपुर से 16 किलोमीटर दूर नगरनार में तीन मिलियन टन सलाना उत्पादन क्षमता का इस्पात संयंत्र भी स्थापित कर रहा है। अगले साल इससे उत्पादन शुरू हो जाएगा। यह एनएमडीसी का देश का अपना पहला इस्पात संयंत्र है। इसके अलावा कंपनी नगरनार इस्पात संयंत्र के समीप एक पैलेट प्लांट भी लगा रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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