अनिल मिश्रा, जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में गत शनिवार को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बस्तर दौरे ने नक्सल फ्रंट पर लड़ रहे जवानों में उत्साह भर दिया है। बीजापुर जिले के तर्रेम और नारायणपुर जिले के कन्हारगांव में शहीद हुए अपने साथियों का बदला लेने के लिए जवान अधिकारियों के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। वहीं वरिष्ठ अधिकारी भी बड़े अभियान की रणनीति बनाने में जुट गए हैं।

फोर्स जल्द आपरेशन प्रहार-3 के तहत नक्सलियों की मांद में घुसेगी। ज्ञात हो कि तीन अप्रैल को नक्सलियों ने बीजापुर जिले के तर्रेम थाना इलाके के टेकलगुड़ा के जंगलों में गश्त पर निकले जवानों को एंबुश में फंसा ताबड़तोड़ गोले दागे। इस हमले में 22 जवान शहीद हो गए, जबकि 31 घायल हैं। नक्सलियों की इस हरकत से देशभर में गुस्सा है। उन पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है।

हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री शाह नक्सलगढ़ के कैंप बासागुड़ा तक पहुंचे। धुर नक्सल इलाके में पहुंचने वाले वह पहले केंद्रीय मंत्री हैं। शाह और भूपेश के बासागुड़ा तक पहुंचने से माहौल बदल गया है। शाह ने साफ कर दिया है कि शहादत बेकार नहीं होने देना है। नक्सलियों के गढ़ में इतनी दूर तक पहली बार घुसे हैं तो और आगे बढ़ो और उन्हें नेस्तनाबूद कर दो। शाह ने सीधे शब्दों में कहा-यह युद्ध है, आप तय करें कि कैसे लड़ना है। केंद्र और राज्य की सरकार आपके साथ हैं।

मुख्यमंत्री ने तो यह भी बता दिया है कि टारगेट के इलाके क्या हैं। इंद्रावती टाइगर रिजर्व, अबूझमाड़, बीजापुर और सुकमा के तेलंगाना से सटे इलाके में नक्सली कथित तौर पर समानांतर व्यवस्था चला रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेशनल पार्क और माड़ से उनका पत्ता काट देंगे। फोर्स अब इन इलाकों को ध्यान में रखकर रणनीति बना रही है। बीजापुर और सुकमा के जंगल में नक्सलियों की बटालियन वन सक्रिय है। माड़ में उनकी दूसरी बटालियन है। दोनों बटालियन के इलाके में एक साथ बड़ा प्रहार करने की योजना बनाई जा रही है।

बड़े नक्सली नेता निशाने पर

बीजापुर में तीन अप्रैल को फोर्स नक्सली कमांडर हिड़मा की तलाश में निकली थी। हिड़मा तो बच गया पर उसके कई साथी मारे गए। पर फोर्स ने यह संदेश दे दिया है कि अब कोई भी इलाका नक्सलियों का सुरक्षित इलाका नहीं है। हिड़मा के कंट्रोल वाले इलाके में फोर्स ने तर्रेम में कैंप बनाया है। जल्द ही सिलगेर में भी कैंप बनाने की योजना है। हिड़मा के गढ़ के अलावा अबूझमाड़ के दुर्गम जंगलों को भी भेदने की तैयारी है। प्रहार-3 में फोर्स की योजना नक्सली नेताओं को टारगेट करने की है। दो या तीन जगह एक साथ आपरेशन चलेगा।

स्थानीय स्तर पर बनेगी रणनीति

अमित शाह ने जगदलपुर और बासागुड़ा की बैठकों में रणनीति पर कोई बात नहीं की। बस यही कहा कि आगे बढ़ो। बस्तर आइजी सुंदरराज पी ने नईदुनिया से कहा कि रणनीति तो यहीं के स्तर से बनेगी। अब जिला या संभाग स्तर पर आपरेशन की रणनीति बनाई जाएगी। सूचना मिलते ही फोर्स धावा बोल देगी।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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