जगदलपुर। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरूआत से ही एक नई समस्या सामने आ गई है। धान खरीदी प्रारंभ हुए अभी दो ही दिन हुए हैं कि कई किसान टोकन लेने के बाद भी नियत तिथि को धान विक्रय करने खरीदी केंद्रों में नहीं पहुंच रहे हैं। इसका प्रभाव यह हुआ है कि धान खरीदी का प्रतिदिन का जो लक्ष्‌य तय किया गया है वह पूरा नहीं हो रहा है।

खरीदी केंद्र प्रभारियों का कहना है कि इसी तरह यदि टोकन लेकर भी कई किसान धान बेचने नहीं आएंगे तो आगामी दिनों में परेशानी बढ़ सकती है। ज्ञात हो कि दो दिसंबर को धान विक्रय के लिए बस्तर संभाग के सातों जिलों कांकेर, नारायणपुर, कोंडागांव, बस्तर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर में मिलाकर 2211 किसानों को टोकन जारी किया गया था। इनमें से केवल 1378 किसानों ने धान बेचा। 833 किसान टोकन प्राप्त करने के बाद भी धान बेचने के लिए खरीदी केंद्रों में नहीं आए। इनमें सबसे अधिक अकेले करीब चार सौ किसान कांकेर और तीन सौ से अधिक कोंडागांव जिले के बताए गए हैं।

इसके कारण गुरुवार को 91 हजार 366 क्विंटल खरीदी लक्ष्‌य के विरूद्ध 47 हजार 30 क्विंटल धान की खरीदी हो पाई। विदित हो कि धान खरीदी के पहले दिन भी टोकन प्राप्त करने वालों में करीब 30 फीसद किसान धान बेचने नहीं पहुंचे थे। खरीदी केंद्र प्रभारियों से चर्चा करने पर बताया गया कि धान विक्रय के लिए प्रारंभ में छोटे व लघु किसानों को मौका दिया जा रहा है। इसके लिए छोटे किसानों को पहले टोकन बांटा जा रहा है। एक किसान को अधिकतम तीन बार टोकन दिया जाएगा।

इसके बाद भी यदि किसान धान बेचने नहीं आता है तो फिर उसे और मौका नहीं दिया जाएगा। इधर टोकन लेकर भी धान नहीं बेचने वाले किसानों में से कुछ से चर्चा करने पर बताया गया कि इस साल बारिश के कारण फसल की कटाई में विलंब हुआ है। जैसे-तैसे फसल की कटाई कर भी ली गई है तो फसल को सुखाने और मिजाई करने में देरी हो रही है। धान में नमी की मात्रा को लेकर जो अधिकतम 17 फीसद का मापदंड तय किया गया है उसे ध्यान में रखते हुए धान बेचनें में थोड़ा विलंब होगा। बाबू सेमरा के किसान देवनाथ ने नईदुनिया को बताया कि एक दिसंबर को धान विक्रय करने उसे टोकन मिला था लेकिन धान में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण वह पहले दिन धान नहीं बेच सका। ऐसी ही स्थितियों से कई दूसरे किसान भी जूझ रहे हैं।

आज 3107 किसान बेंच सकेंगे धान

तीन दिसंबर को संभाग के 3107 किसानों को धान विक्रय के लिए टोकन का वितरण किया गया है। इस दिन एक लाख 29 हजार 62 क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्‌य तय किया गया है। नगरनार क्षेत्र के किसानों से चर्चा करने पर उनका कहना था कि खेत से फसल की कटाई करके खलिहान में पहुंचाने दिन रात काम कर रहे हैं। 15 दिसंबर तक ही धान विक्रय करने में तेजी आएगी। इधर बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान जावद के पड़ोसी राज्य ओड़िसा-आंध्रप्रदेश के तटीय क्षेत्र से चार दिसंबर को टकराने की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने तीन से पांच दिसंबर तक बस्तर अंचल में मौसम में बदलाव की संभावना जताई है। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश भी हो सकती है। इसे देखते हुए धान खरीदी केंद्रों में भंडारित धान को बारिश से बचाने के लिए तालपत्री आदि की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा है धान खरीदी पर रखें नजर

धान खरीदी केंद्रों के निरीक्षण और व्यवस्थाओं पर बस्तर संभाग के कांग्रेस विधायक भी पूरी नजर बनाए हुए हैं। किसानों को धान बेचने में कोई परेशानी न हो इसके लिए विधायक किसानों के भी संपर्क में हैं। चित्रकोट विधायक राजमन बेंजाम ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी विधायकों से अपने-अपने क्षेत्र में धान खरीदी पर नजर रखकर व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिा काम करने कहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विधायक लगातार दौरे कर रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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