जगदलपुर। जिले के सबसे पिछड़े माने जाने वाले विकासखंड बास्तानार में मंगलवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का प्रवास यहां के भू-स्वामियों के लिए राहत देने वाला साबित हुआ। जमीन के राजस्व बंदोबस्त में त्रुटियां सुधारने की लंबे समय से गुहार लगा रहे यहां के भू-स्वामियों की मांग सुन ली गई है। चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बास्तानार विकासखंड के मुख्यालय ग्राम किलेपाल में मुख्यमंत्री के जनता से भेंट मुलकात कार्यक्रम में बंदोबस्त रिकार्ड में त्रुटि सुधार की मांग आई थी।

उल्लेखनीय है कि बस्तर जिले में एक दो विकासखंडों को छोड़ दिया जाए तो यहां अधिकांश क्षेत्रों में जमीन के बंदोबस्त रिकार्ड सही नहीं हैं। इनमें बास्तानार विकासखंड भी शामिल है। लंबे समय से यहां के भूस्वामी बंदोबस्त रिकार्ड में सुधार की मांग करते आ रहे थे लेकिन कभी इस मांग को गंभीरता से नहीं लिया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मौके पर ही कलेक्टर रजत बंसल को राजस्व बंदोबस्त त्रुटि सुधार करने का निर्देश दिया।

स्थानीय विधायक राजमन बेंजाम ने कहा कि बंदोबस्त रिकार्ड सही नहीं होने से भू-स्वामियों को काफी परेशानी हो रही है। मुख्यमंत्री बघेल ने इस बात की गंभीरता को समझा है। इसके पहले मंगलवार दोपहर को भूपेश बघेल दंतेवाड़ा से चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर किलेपाल पहुंचे।

यहां ग्रामीण मोशू पोयाम ने पारंपरिक पटका, कलगी, महुआ की माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने देवगुड़ी जाकर पूजा अर्चना। इसके बाद जनता से

भेंट मुलाकात कार्यक्रम में पहुंचे भूपेश बघेल जनता की मांगे सुनी और समस्यायों के समाधान का भरोसा दिलाया। बघेल ने लगभग 36 करोड़ 40 लाख रुपये की राशि के चार विकास कार्यों का लोकार्पण और लगभग 13 करोड़ 57 लाख की राशि के 500 विकास कार्यों का शिलान्यास किया।

बड़े किलेपाल में मंगलवार को साप्ताहिक बाजार था। वह बाजार भी गए और वहां हाट बाजार क्लीनिक का अवलोकन किया। चिकित्सकों से चर्चा कर दवाइयों की उपलब्धता की जानकारी ली और इलाज कराने पहुंचे मरीजों से भी मिले। बाजार भ्रमण के बाद उन्होंने तहसील कार्यालय पहुंचकर वहां का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज, विधायक राजमन बेंजाम व उच्चाधिकारी भी मौजूद थे।

किलेपाल के बाद मुख्यमंत्री लोहंडीगुड़ा विकासखंड के बड़ांजी के लिए रवाना हो गए। वहां भी उन्होंने कई विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास किया। जहां आत्मानंद स्कूल खुले है, वहां बनेंगे हास्टल, फिलहाल के लिए आदिवासी युवाओं को फाइनेंस कर बधाों को पहुंचाने बस की दो

सुविधाएं दी जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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