अनिल मिश्रा, जगदलपुर Naxalite Operation : दुनिया के लिए अबूझ पहेली बने अबूझमाड़ में नक्सलियों की चौतरफा घेराबंदी की तैयारी शुरू हो गई है। वर्ष 1990 में नक्सलियों ने अबूझमाड़ में प्रवेश किया था। उस वक्त ओरछा, कोहकामेटा व सोनपुर में पुलिस थाने थे। ओरछा नारायणपुर जिले का ब्लॉक मुख्यालय है, लिहाजा ओरछा थाना तो बचा रहा पर कोहकामेटा व सोनपुर थाने नक्सल दहशत के चलते बंद हो गए।

उस दौर में नक्सलियों से लड़ने के लिए केंद्रीय बल नहीं थे। घने जंगलों में बिना बाहरी मदद के पुलिस के जवान उनसे लड़ नहीं सकते थे। इसका फायदा उठाकर नक्सलियों ने थानों में मौजूद स्टाफ को मारपीट कर भगा दिया। माड़ में उनका कब्जा हो गया। अब पुलिस बंद थानों को दोबारा शुरू कर भीतर घुस गई है।

अबूझमाड़ में नक्सलियों ने बटालियन नंबर दो बना रखी है। माड़ डिवीजन कमेटी यहां जनताना सरकार चला रही है। नक्सलियों के बड़े नेताओं के छिपने का ठिकाना माड़ के जंगल ही हैं। आलम यह था कि कुछ साल पहले तक सोनपुर साप्ताहिक बाजार में नक्सली दिनदहाड़े हथियार लेकर घूमते थे। हालांकि, अब हालात धीरे-धीरे बदल रहे हैं। 2011 में माड़ के अंदर कुरूषनार में नया थाना खोला गया।

इसके बाद फोर्स की दबिश इस इलाके में बढ़ने लगी। इस साल एक जनवरी को पुलिस ने तीन दशक से बंद कोहकामेटा व सोनपुर थानों को दोबारा शुरू कर दिया। इन थानों के साथ ही आइटीबीपी के कैंप भी स्थापित कर दिए। कोहकामेटा के आगे कुतुल के बाजार में नक्सलियों ने स्मारक बना रखे थे।

फोर्स जब अंदर घुसी, तो स्मारक तोड़ दिए गए और नक्सलियों को पीछे हटना पड़ा। चार थानों के अलावा बासिंग व आकाबेड़ा में फोर्स ने कैंप भी स्थापित कर दिया है। बस्तर आइजी सुंदरराज पी कहते हैं कि जैसे-जैसे फोर्स अंदर घुसेगी नक्सली पीछे हटेंगे और आम जनता को राहत मिलेगी।

ऐसे घेरेंगे माड़ को

अबूझमाड़ को सिर्फ नारायणपुर की ओर से ही नहीं बल्कि दंतेवाड़ा, बीजापुर और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिलों की ओर से भी घेरने की तैयारी चल रही है। गढ़चिरौली जिले के भामरागढ़ ब्लाक का कुछ हिस्सा अबूझमाड़ में शामिल है। दंतेवाड़ा व बीजापुर जिलों की ओर से इंद्रावती नदी के उस पार माड़ के दर्जनों गांव आते हैं। दंतेवाड़ा व बीजापुर की ओर से छिंदनार, बड़े करका व फुंडरी में इंद्रावती पर तीन पुल बन रहे हैं।

माड़ के बीच से नारायणपुर से महाराष्ट्र के मरोड़ा तक पुरानी सड़क तीन दशक से बंद है। उसे भी दोबारा शुरू करने की योजना है। डीजीपी नक्सल आपरेशन अशोक जुनेजा ने बताया कि अबूझमाड़ से नक्सलियों को खदेड़ने की रणनीति पर काम चल रहा है। सीमावर्ती जिलों और महाराष्ट्र के साथ मिलकर वहां अभियान चलाया जा रहा है। सड़कें और पुल बनें तो फोर्स के और भी कैंप खोले जाएंगे।

Posted By: Shashank.bajpai

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