जगदलपुर। Inspirational News : महारानी वार्ड निवासी सुभाष सरकार की अंतिम इच्छा स्वजनों ने उनकी मौत के बाद पूरा कर उनकी आत्मा को शांति प्रदान की है। सुभाष सरकार और उनकी पत्नी ने कई साल पहले एक डाक्टर को अपनी मां का देहदान करते देखा था। इसके बाद से उनकी इच्छा थी कि मृत्यु के बाद उनका शरीर भी किसी के काम आए। सुभाष सरकार के पुत्र सुमन ने बताया कि पिता की इच्छा को पूरा करने का निर्णय पूरे परिवार ने मिलकर लिया है।

दो दिन पहले उनकी मौत मेकाज में उपचार के दौरान हुई थी। किडनी फेल होने से सुभाष ने 25 नवंबर को अंतिम सांस ली थी। सुमन ने बताया कि कुछ वर्ष पहले उनके पिता की मुलाकात मेकाज के डाक्टर देवेंद्र सचदेवा से हुई, जहां उन्होंने अपने मां के निधन के बाद उनके देह का दान किया था। इसके बाद से ही मां और पिताजी ने देहदान करने का मन बनाया और फार्म भी भरा। मेकाज में एक समय में एनाटामी विभाग के पास शवों की कमी होती थी। महाराष्ट्र और गुजरात से एनाटामी की पढ़ाई के लिए अलग- अलग अंग मंगवाए जाते थे।

मेकाज अधीक्षक डा केएल आजाद ने बताया कि सरकार परिवार ने देहदान किया है। शरीर के कई अंगों को समय रहते ही सुरक्षित करना अनिवार्य होता है। इसके लिए छह घंटे पहले तक स्वजन यह बता सकते हैं कि नेत्रदान या फिर किसी अन्य अंग को किसी को दिया जाना है या नहीं?

ऐसा न किए जाने पर शव को एनाटामी संकाय में प्रैक्टिकल के लिए उपयोग में लाया जाएगा। इससे भविष्य के डाक्टरों को पढ़ाई में आसानी होती है। बताया गया कि गत तीन सालों में मेकाज में कुल नौ लोगों ने देहदान किया है। इसमें तीन शव महिलाओं के हैं और छह पुरूषों के।

कोरोना जांच के बाद देह लिया गया

सुभाष सरकार के शव की पूरी जांच की गई। उनकी मौत किडनी फेल होने से हुई थी। अन्य अंगों का भी परीक्षण किया गया। इसके अलावा कोरोना जांच की गई। किसी तरह का संक्रमण न पाए जाने के बाद मेकाज ने देह को विधिवत रूप से अपने कब्जे में लिया।

Posted By: Nai Dunia News Network

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