जगदलपुर (नईदुनिया)। Monkeypox in CG: छत्‍तीसगढ़ के जगदलपुर मेडिकल कालेज अस्पताल डिमरापाल में भर्ती केंद्रीय औद्याेगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) के दो जवानों में मंकीपाक्‍स जैसे लक्षण पाए जाने पर सेंपल (फोड़े का मवाद का) जांच के लिए पुणे स्थित लैब को भेजा गया है। दोनों जवानों को रविवार को किरंदुल से जगदलपुर मेडिकल कालेज इलाज के लिए लाया गया था। दोनों किरंदुल स्थिति राष्ट्रीय खनिज विकास निगम एनएमडीसी की लौह अयस्क उत्पादन परियोजना में पदस्थ हैं।

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दोनों सीआइएसएफ के जवान किरंदुल परियोजना में हैं पदस्थ

मेडिकल कालेज के मेडिसीन विभाग के प्रमुख डा नवीन दुल्हानी ने नईदुनिया से चर्चा में बताया कि जब तक जांच रिपोर्ट नहीं मिल जाती मंकी पास्क ही है यह कहना जल्दबाजी होगी। मंगलवार या बुधवार को जांच रिपोर्ट मिलने के बाद स्पष्ट हो जाएगा कि क्या बीमारी है। उन्होंने बताया कि दोनों जवानों के शरीर में दाने निकल आए हैं। दानों में लिमफोल्ड नहीं हैं। जवानों के सीने और पेट के पास ज्यादा दानें हैं, हथेली और पैर के तलुवों में दानें नहीं दिखाई दिए हैं।

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मेडिकल कालेज अस्पताल में कराया गया है भर्ती

डा दुल्हानी के अनुसार चिकनपाक्स मिजल्स भी हो सकता है। लक्षण मंकीपाक्‍स के भी लक्षण हैं इसलिए पूरी सतर्कता बरती जा रही है। मंकीपाक्‍स की भी यदि पुष्टि होती है तो उसका भी इलाज है इसमें घबराने जैसी बात नहीं है। उन्होंने बताया कि दोनों जवानों की ट्रेवल हिस्ट्री ले ली गई है। जवानों का नाम फिलहाल गोपनीय रखा जा रहा है। दोनों युवा हैं और इनमें एक की उम्र 26 और दूसरे की 34 साल बताई गई है। विदित हो कि मंकीपाक्‍स के खतरे को ध्यान में रखकर केंद्र और राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी की हैं।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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