जगदलपुर। पड़ोसी राज्य ओड़िशा से धान की अवैध निकासी की निगरानी के लिए सीमाई क्षेत्रों में स्थापित अंतरराज्यीय जांच चौकियों का गुरुवार रात संभागायुक्त जीआर चुरेन्द्र ने निरीक्षण किया। जिला मुख्यालय जगदलपुर से 20 किलोमीटर दूर बकावंड विकासखंड के ग्राम तारापुर स्थित जांच नाका में रात आठ बजे नौ बजे तक संभागायुक्त जमे रहे।

हालांकि संभागायुक्त चुरेंद्र का दौरा आकस्मिक था लेकिन इसकी भनक जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित के अफसरों को पहले ही लग गई थी। इसलिए तीन चार अधिकारी मौके पर समय रहते पहुंच गए थे। चुरेंद्र ने अफसरों के साथ जांच नाका पर ही चौपाल लगाई और ओड़िशा से अवैध से धान की आवक रोकने के उपायों पर चर्चा की। इस मौके पर उन्होंने जांच नाका के कर्मचारियों से चर्चा की और कहा जागते रहो ताकि पड़ोसी राज्य से धान लेकर आने वालों की धरपकड़ की जा सके।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार द्वारा एक दिसंबर से समितियों के माध्यम से न्यनूतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरुआत की जा चुकी है। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की अच्छी व्यवस्था के साथ ही किसानों को मिलने वाले अधिक मूल्य के कारण पड़ोसी राज्य में उत्पादित धान को खपाने का प्रयास भी किया जाता है। धान खरीदी के दौरान होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए विभिन्ना स्तर पर निगरानी की व्यवस्था करने के साथ ही वरिष्ठ अधिकारी भी निरंतर मैदानी क्षेत्रों का भ्रमण कर रहे हैं। चुरेंद्र ने तारापुर के अलावा छोटे देवड़ा और करीतगांव के धान उपार्जन केंद्र का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर संयुक्त पंजीयक एलएल बृंझ, सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरए खान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

धान खरीदी केंद्र में बार-बार नजर आने वालों की खैर नहीं

संभागायुक्त ने धान खरीदी केंद्रों के प्रभारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देश का पालन करते हुए धान खरीदी की कार्रवाई सुनिश्चित करें। धान खरीदी केन्द्र उपार्जन केन्द्र में खरीदी के लिए बनाए गए नोडल अधिकारी एवं विक्रय समिति के सदस्यों द्वारा प्रतिदिन समिति में आकर व्यवस्था का आकलन करें। यदि किसी प्रकार की असुविधा पाए जाने पर इसकी सूचना अनुविभागीय अधिकारी को दें। ऐसे व्यक्ति जो धान खरीदी केन्द्र में बार-बार दिखाई दें या किसानों को धान विक्रय में प्रभावित करने का प्रयास करे तो समिति प्रबंधक के माध्यम से क्षेत्र के नायब तहसीलदार को सूचित करें। धान खरीदी केन्द्रों में पंजीकृत किसानों का ही टोकन जारी किया जाए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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