दंतेवाड़ा। आत्मसमर्पित महिला नक्सली पायके पोडियम और सुंदरी इन दिनों तिरंगा झंडा सिलने में व्यस्त हैं। इसमें वे देश के प्रति अपनी आस्था, अपना प्रेम भी समाहित कर दे रही हैं। वजह, 15 अगस्त जो है। पहले ये नक्सलियों के लिए वर्दी सिलती थीं। काला झंडा सिलती थीं। लेकिन अब उन्हें समझ में आ गया है कि वे भटक गई थीं।

दंतेवाड़ा में 500 से अधिक नक्सलियों का समर्पण हो चुका है, जिनमें बड़ी संख्या में महिला नक्सली भी शामिल हैं। महिला नक्सलियों को अलग-अलग रोजगार भी उपलब्ध करवाए जा रह हैं। पुलिस लाइन कारली में खुले डेनेक्स फैक्ट्री में सिलाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यही महिला नक्सलियों द्वारा तिरंगा झंडा बनाया जा रहा है।

22 वर्षीय आत्मसमर्पित नक्सली पायके पोडियम बताती हैं कि वे नारायणपुर जिले के अबुझमाड़ इलाके के एक छोटे से गांव बटबेड़ा की रहने वाली है। मेरा परिवार बड़ा था, भाई-बहनों की संख्या अधिक थी। जब मैं छोटी थी तो उस समय नक्सली गांव में आते-जाते थे। नौ साल की हुई तो नक्सलियों की मुझपर नजर थी। एक दिन रात के अंधेरे में जबरदस्ती घर से उठाकर अपने साथ लेकर चले गए।

आठ लाख रुपये की इनामी सरेंडर महिला माओवादी सुंदरी बताती हैं कि जब मैं संगठन में थी तो 15 अगस्त के दिन गांव की स्कूलों में जाकर काला झंडा फहराती थी। बच्चों को बताती थी कि आप लोग जो तिरंगा फहराते हो वह हमारा नहीं है। लेकिन, सरेंडर करने के बाद अबतक तिरंगे को सलामी देती आई हूं, अब तिरंगा बनाने का मौका मिला है।

नक्सली हिंसा में बलिदान जवान के परिवार का किया सम्मान

बीजापुर। पुलिस अधीक्षक कार्यालय आफिसर्स मेस में शनिवार को बलिदान जवान के परिवारों के सम्मान में समारोह में क्षेत्रीय विधायक विक्रम मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुडियम, नगरपालिका उपाध्यक्ष पुरषोत्तम सल्लुर ने साल और श्रीफल भेंट कर बलिदानों के परिजनों का सम्मान किया। हमर तिरंगा अभियान के तहत बलिदान परिवार को तिरंगा झंडा और मिठाई भी भेंट की गई। समारोह में क्षेत्रीय विधायक, जिपं अध्यक्ष और नपा उपाध्यक्ष बलिदान परिवार के साथ रात्रि भोज में शामिल हुए। कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अंजनेय वैष्णव, सहित अन्य पुलिस अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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