जगदलपुर। बस्तर से संचालित होने वाली यात्री ट्रेनों (वर्तमान में बंद) को शुरू करने और नाइट एक्सप्रेस का परिचालन दैनिक ट्रेन के रूप में करने को लेकर मंडल रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति (डीआरयूसीसी) की बैठक में सदस्यों और रेल अधिकारियों के बीच जमकर बहस हुई। अधिकारी कोरोना संकटकाल को देखते हुए बंद ट्रेनों का परिचालन शुरू करने और संचालित हो रही ट्रेनों के परिचालन की अवधि और समयसारिणी पर निर्णय लेने का अधिकार रेलवे बोर्ड का बताया लेकिन सदस्य इस दलील से पूरी तरह से सहमत नजर नहीं आए।

रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति की बैठक 22 अक्टूबर को वाल्टेयर रेलमंडल मुख्यालय विशाखापट्टनम में रेलमंडल प्रबंधक अनूप कुमार सतपथी की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। इसमें रेलवे बोर्ड की ओर से नामांकित बस्तर क्षेत्र से सदस्य भाजपा नेता रामाश्रय सिंह और दंतेवाड़ा क्षेत्र से सदस्य दीपक बाजपेई शामिल हुए। रामाश्रय सिंह का कहना था कि कोरोना की पहली लहर के दौरान मार्च 2020 में देश भर में यात्री ट्रेनों को खड़ी कर दिया गया था। इसके बाद धीरे-धीरे चरणबद्ध रूप से यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया। बस्तर में भी किरंदुल-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस, किरंदूल-विशाखापट्टनम नाइट एक्सप्रेस, राउरकेला-जगदलपुर एक्सप्रेस और भुवनेश्वर-जगदलपुर हीराखंड एक्सप्रेस का संचालन शुरू किया जा चुका है। नाइट एक्सप्रेस बस्तर से संचालित होने वाली यात्री ट्रेनों में सबसे फायदे की ट्रेन है। इसका संचालन सप्ताह में केवल दो दिन किया जा रहा है। जो यात्रियों की मांग को देखते हुए गलत निर्णय है।

इसका संचालन सप्ताह में पूरे दिन होना चाहिए। रामाश्रय सिंह का कहना था कि हावड़ा-जगदलपुर समलेश्वरी एक्सप्रेस का परिचालन शुरू करने रेलवे बोर्ड 23 सितंबर को कोलकाता और भुवनेश्वर जोन को अनुमति दे चुका है लेकिन अधिकारी रेलवे बोर्ड का आदेश भी नहीं मान रहे हैं। उन्होंने दुर्ग-जगदलपुर एक्सप्रेस को तीन साल से अधिक समय से बंद रखने पर भी बैठक में नाराजगी जताई। रामाश्रय सिंह का साथ देते हुए दीपक बाजपेई ने रेलवे पर बस्तर के साथ दोहरा मापदंड रखने का आरोप लगाया।

बस्तर और दंतेवाड़ा क्षेत्र के प्रतिनिधियों का कहना था कि बस्तर से लौह अयस्क की ढुलाई करके करोड़ों रुपये की कमाई करने वाला रेलवे बस्तर के साथ छल कर रहा है। बैठक में बस्तर क्षेत्र की लंबित नौ रेलमांगे रखी गई। अधिकारी हर मांगो को रेलवे बोर्ड और रेल मंत्रालय के अधीन बताते हुए कहा कि सभी प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेज दिए जाएंगे।

सांसदों की कमेटी में भी बस्तर ही था चर्चा का विषय

सात अक्टूबर 2021 को रायपुर में बिलासपुर जोन के अंतर्गत सांसदों की रेल संबंधी मामलों की कमेटी में भी बस्तर की रेल मांगों पर सबसे अधिक चर्चा हुई थी। उस बैठक में बंद ट्रेनों को शुरू करने, नाइट एक्सप्रेस का संचालन दैनिक ट्रेन के रूप में करने, बस्तर संभाग में सर्वेक्षित नई रेललाइनों के प्रस्ताव पर कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार पर दबाव डालने, रावघाट-जगदलपुर रेललाइन का निर्माण विवादित क्षेत्र को छोड़कर शेष हिस्सें में शुरू करने आदि पर खुलकर चर्चा हुई थी। इसके बाद इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे दुर्ग के सांसद विजय बघेल ने प्रदेश के सभी सांसदों की सहमति लेने के बाद घोषणा की थी कि बस्तर क्षेत्र की लंबित रेल मांगों को पूरा करने बस्तर सांसद दीपक बैज के साथ मिलकर दलगत राजनीति से उᆬपर उठकर लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार तरीके से आवाज बुलंद की जाएगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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