जगदलपुर। जिले के महारानी अस्पताल से दो सहायक नर्सों ने पैथालाजिस्ट डाक्टर और मेट्रन पर मानसिक प्रताड़ना, पीछा करना, व्यक्तिगत छिंटाकशी के आरोप लगाए हैं। वहीं लगातार प्रताड़ित होने के बाद सहायक नर्स जिज्ञासा ने बुधवार की शाम को दवाओं का अतिरिक्त सेवन कर खुद की जान देने की कोशिश की। भूमिका नाथ भी तबियत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती है। दोनों सहायक नर्सों का कहना है कि वे दो वर्ष से डाक्टर नाग के दुर्व्यवहार से तंग आ चुकी थी। इसकी जानकारी उन्होंने अस्पताल अधीक्षक डा. संजय प्रसाद को भी दी थी। उन्होंने व्यवस्था में सुधार की बात कही थी। साथ ही एक कमेटी का गठन कर जांच उपरांत दोनो पक्षों को समझाया गया था। इसके बाद भी मामला गंभीर होता चला गया। जिज्ञासा के आत्मघाती कदम उठाने के बाद अब इस विषय में महारानी अस्पताल स्थित चौकी में उनका बयान दर्ज किया गया है पर अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है। कोतवाली थाना प्रभारी एमन साहू ने बताया, विषय की विवेचना की जा रही है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सहायक नर्स जिज्ञासा मानिकपुरी व भूमिका नाथ का आरोप

नशे में डाक्टर अस्पताल से घर तक पीछा करते थे। पूछते थे कि घर छोड़ दूं। एक दिन रास्ते में अपने मामा और भाई की गाड़ी में बैठकर मुझे जाते देखा तो अगले दिन अस्पताल आने पर कहा, मैं छोड़ रहा था तो दिक्कत थी। यह सिलसिला डेढ़ साल पहले शुरू हुआ। दुव्यर्वहार से परेशान होकर एक महीने पहले बस्तर कलेक्टर चंदन कुमार से शिकायत की तब से मानसिक प्रताड़ना का सिलसिला और बढ़ गया। अस्पताल की मेट्रन लक्ष्मी टांडिया कहती थी तुम्हारी औकात कुछ नहीं इसके साथ व्यक्तिगत छिंटाकशी की जाती थी। नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती थी। कुछ इस तरह के गंभीर आरोप महारानी अस्पताल में पदस्थ सहायक नर्स जिज्ञासा मानिकपुरी व भूमिका नाथ ने अस्पताल के पैथालाजिस्ट डाक्टर केके नाग, मेट्रन लक्ष्मी टांडिया व कर्मचारी सौरव कोचर पर लगाए हैं।

लैब से हटाकर ओपीडी में आया का काम

महरानी अस्पताल में उपचार करा रही जिज्ञासा ने बताया कि वे अस्पताल में संविदा सहायक नर्स है और अस्पताल के लैब में पदस्थ हैं। लैब प्रभारी डा. नाग अक्सर शराब के नशे में दिखते हैं, इस बात को साबित करने हमारे पास कोई पुख्ता तथ्य नहीं है पर अस्पताल में सभी इस बात को जानते हैं। उनका व्यवहार भी सही नहीं है और अजीब नजरों से ताड़ते हैं। एक अन्य सहायक नर्स भूमिका नाथ को उन्होंने खूब परेशान किया है। अस्पताल की मेट्रन लक्ष्मी टांडिया व्यक्तिगत ताने कसती है। हमारी ड्यूटी लैब में है लेकिन वहां से हटाकर ओपीडी में आया का काम करने को कहा जा रहा था। हमारे कपड़ों को लेकर ताने कसे जाते हैं। हमें प्रशिक्षु सहायक नर्स के कपड़े पहनकर आने को कहा जा रहा था। अस्पताल के कर्मचारी सौरव कोचर भी तब से हमें काम से निकालने की धमकी देते आ रहे हैं।

कार से पीछा करते थे डाक्टर

अस्पताल के महिला वार्ड में उपचार करा रही भूमिका नाथ ने बताया, उन्हें सिकलीन की समस्या है। प्रताड़ना से तंग आकर पिछले कुछ दिनों से खाना-पीना छोड़ दिया था इसलिए तबियत बिगड़ने पर घरवालों ने अस्पताल में भर्ती करा दिया है। मेरी यहां लैब में पदस्थापना के बाद से ही लैब प्रभारी डा. केके नाग मुझे काम के बाद नशे में घर तक छोड़ने की बात कहते थे। मना करने पर उनका दुर्व्यवहार झेलना पड़ता था। बहुत दिनों तक वे कार से मेरे घर तक मेरा पीछा करते रहे। मैंने घरवालों और सहकर्मियों को भी यह बात बताई थी।

जगदलपुर के महारानी अस्पताल के अस्पताल अधीक्षक डा. संजय प्रसाद का इस पूरे मामले में कहना है कि लैब प्रभारी डा. नाग के विरुद्ध पहले भी शिकायत मिली थी। कमेटी बनाकर जांच के बाद दोनों पक्षों को समझाइश दी गई थी। व्यक्तिगत टिप्पणी करने से मना किया गया था। अब जिला अस्पताल में पदस्थ एक संविदा सहायक नर्स ने दवाओं का अतिरिक्त सेवन कर लिया है। उसकी स्थिति खतरे से बाहर है। कार्यालय में काम करते हुए प्रताड़ित होने की शिकायत उन्होंने की है। इस विषय के जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई करेंगे।

Posted By: Abhishek Rai

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