दंतेवाड़ा। इन दिनों मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। दंतेवाड़ा सौ सीटर अस्पताल में जहां क्षमता से अधिक मरीज भर्ती हैं। बैड फूल हो गए हैं। वहीं जिले के सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी मरीजों की संख्या बढ़ गई है। कुआकोंडा अस्पताल ओपीडी में जहां पहले 20 से 25 मरीज आते थे। वहीं अब सौ मरीज रोजाना आ रहे हैं। यही स्थिति कटेकल्याण, गीदम, पीएससी पोटाली सभी जगह की है जहां मरीजों की संख्या बढ़ गई है।

मौसमी बीमारियों के मरीज ज्यादा हैं, जिसमें खांसी बुखार के मरीज ज्यादा सामने आ रहें हैं। बीमारी का प्रकोप आश्रम व पोटाकेबिन में भी देखने को मिल रहा है। नहाड़ी आश्रम के 16 बच्चों को कुआकोंडा सीएससी लाया गया था। एक साथ आश्रम के इतने बच्चे बीमार होना चिंताजनक है। कई बच्चों की तबियत ज्यादा खराब थी। आश्रम, पोटाकेबिन में चिरायु मेडिकल टीम बच्चों की जांच के लिए भेजी जाती है पर आश्रम, पोटाकेबिन के अधीक्षकों द्वारा बच्चों के बीमार होने की सूचना समय पर स्वास्थ्य विभाग को नहीं दी जाती है। बच्चे ज्यादा बीमार होते हैं तब भेज दिया जाता है।

मलेरिया के भी आ रहे मामलेः मौसमी बीमारी के साथ मलेरिया के भी मामले सामने आ रहे हैं, पर मलेरिया पाजिटिव की संख्या जिले में अभी कम है पर जिले के सभी अस्पतालों में मलेरिया के केस रोजाना मिलते हैं। जिला अस्पताल में सेटअप के अनुरूप स्टाफ की भी कमी है। दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में इस समय मरीज की संख्या डबल हो गई है। अस्पताल के लिए 174 पद स्वीकृत है।

महज 95 लोग ही रेगुलर काम कर रहे हैं। 16 पदों को एनएचएम और डीएमएफ से भरा गया है। इसके बाद भी 63 पदों को और भरा जाना अस्पताल की दशा-दिशा सुधारने के लिए, जिले में स्वास्थ्य सुविधा ठीक करने कलेक्टर ने सात अधिकारियों अस्पताल निरीक्षण पर लगाया है। इन अधिकारियों में आईएस स्तर से लेकर तहसीलदार तक शामिल है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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