सुकमा। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर सुकमा जिले के कोंटा और चेट्टी (आंध्रप्रदेश) के बीच वीरापुरम के पास जलभराव होने से बुधवार रात से एक बार फिर सड़क संपर्क बाधित है। दोनों ओर सैकडों ट्रक व अन्य वाहनें फंस गई हैं। आवागमन बंद होने से लोगों के जनजीवन पर भी प्रभाव पड़ा है। भारी वर्षा के कारण सबरी नदी में बाढ़ के कारण सोमवार व मंगलवार दो दिन यहां मार्ग बंद था लेकिन बुधवार सुबह मार्ग खुल गया था। इस बीच बुधवार को गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़ने से इसकी सहायक नदी सबरी का जलस्तर भी बैक वाटर के कारण बढ़ा है। इसके कारण वीरापुरम में राष्ट्रीय राजमार्ग पर पांच फीट तक जलभराव हो गया है।

केंद्रीय जल आयोग के भद्राचलम अनुमंडल से मिली जानकारी के अनुसार वहां गोदावरी नदी का जलस्तर तीसरे वार्निंग लेवल 53 फीट (नदी की सतह से) तक पहुंच गया है। सबरी नदी तट पर स्थित कोंटा से भद्राचलम की दूरी 65 किलोमीटर है। सबरी नदी आंध्रप्रदेश के कुन्नाावरम (कोंटा से 40 किलोमीटर दूर) में गोदावरी से मिलती है। गोदावरी का जलस्तर बढ़ने से सबरी नदी में बैकवाटर से जलस्तर बढ़ जाता है। गुरुवार रात में कोंटा में सबरी नदी का जलस्तर 13 मीटर के जलस्तर (वार्निंग लेवल से दो मीटर अधिक) को पार कर गया था। इसके कारण वीरापुरम में करीब दो मीटर की लंबाई में राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलभराव की स्थिति बनी है।

ज्ञात हो कि जुलाई माह में 22 तारीख से 10 दिनों तक यहां जलभराव के कारण अंतर्राज्यीय सड़क संपर्क कटा रहा था। एक बार फिर वैसी ही स्थिति बनी है। हालांकि जल संसाधन विभाग के स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि सबरी और गोदावरी का जलस्तर गुरुवार दोपहर से स्थिर है और यदि इसमें बढ़ोत्तरी नहीं होती है तो उम्मीद है कि शुक्रवार शाम तक मार्ग खुल जाएगा। पिछले माह कोंटा में 12 दिनों तक बाढ़ से आधा नगर जलमग्न हो गया था जिससे तीन हजार लोग प्रभावित हुए थे। इन्हें राहत शिविरों में शरण लेना पड़ा था। यहां के लोगों का कहना है कि उम्मीद है कि दोबारा वैसी स्थिति निर्मित नहीं होगी क्योंकि सबरी और गोदावरी का जलस्तर स्थिर को गया है।

ट्रक चालक व परिचालक परेशान

कोंटा और चेट्टी के बीच छह किलोमीटर की दूरी है। दोनों ओर सैकड़ों ट्रक व अन्य वाहन खड़े हैं। चालक परिचालक मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं। नईदुनिया से चर्चा में कुछ ट्रक चालकों ने कहा कि अच्छी बात है कि वर्षा थमी हुई है। फिर भी वाहनों के खड़े रहने से परेशानी तो हो रही है। रात में समय बिताना कठिन हो जाता है।

संभाग में स्थित सुधरी

दक्षिण-मध्य बस्तर के प्रमुख मागर्ोें में यही एकमात्र रास्ता है जो बंद है। बीजापुर बस्तर व सुकमा जिले के अन्य सभी मार्ग जो सोमवार से बंद चल रहे थे बुधवार सुबह खुल गए थे। अंदरूनी क्षेत्रों में पहाड़ी नालों का जलस्तर बढ़े रहने से कुछ मार्ग बंद हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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