जगदलपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पिछले एक साल से जारी कोरोना संक्रमण काल में यहां बस्तर से चलने वाली अधिकांश यात्री ट्रेनों के बंद होने का फायदा रेलवे को माल की ढुलाई में मिला है। दंतेवाड़ा के बैलाडीला स्थित एनएमडीसी की बचेली-किरंदुल इकाइयों से लौह अयस्क की ढुलाई कर रेलवे रिकार्ड बना रहा है।

हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2020-21 में किरंदुल-कोत्तावालसा रेल लाइन से होकर रेलवे ने 18.70 मिलियन टन माल की लोडिंग करके रिकार्ड कायम किया है, जो इसके पूर्व 2019-20 में 17.52 मिलियन टन से करीब एक मिलियन टन अधिक है। चालू वित्तीय वर्ष के पहले माह अप्रैल में जहां एनएमडीसी ने बैलाडीला की दोनों खनन इकाइयों में 2.18 मिलियन टन लौह अयस्क का रिकार्ड उत्पादन किया है।

वहीं रेलवे द्वारा भी इस माह में 210 रैक माल की ढुलाई करके रिकार्ड बनाया गया है। विदित हो कि लौह अयस्क की ढुलाई के लिए देश में प्रसिद्ध किरंदुल-कोत्तावालसा रेलमार्ग वाल्टेयर रेलमंडल और इस्ट कोस्ट जोन भुवनेश्वर में आता है। गत वित्तीय वर्ष में 204.88 मिलियन टन माल की लोडिंग करके इस्ट कोस्ट जोन पूरे देश में पहले नंबर पर रहा है।

कोरोना संक्रमणकाल में अधिकांश यात्री ट्रेनें बंद होने का फायदा रेलवे को मिला है। माल ढुलाई के लिए दिन- रात मालगाड़ियां दौड़ाई जा रही हैं। वाल्टेयर रेलमंडल के एक सीनियर अधिकारी के अनुसार किरंदुल-कोत्तावालसा रेललाइन में मार्च 2020 से लेकर दिसंबर तक सभी यात्री ट्रेनें बंद थीं। दिसंबर में किरंदुल-विशाखापट्नम के बीच स्पेशल ट्रेन के नाम पर एकमात्र यात्री ट्रेन को शुरू किया गया था।

18 दिन पहले हीराखंड एक्सप्रेस का जगदलपुर तक विस्तार किया गया था। ये दोनों ट्रेनें भी कोरोना संक्रमण बढ़ने और यात्रियों की कम संख्या को देखते हुए बंद कर दी गई हैं। इसके अलावा किरंदुल से जैपुर तक 220 किलोमीटर की रेललाइन का 70 फीसद हिस्सा दोहरीकृत किया जा चुका है। यात्री ट्रेनें बंद होने और रेललाइन दोहरीकरण का फायदा माल की ढुलाई में मिला है। कोरोना संक्रमणकाल में रेलवे की कमाई का माल ढुलाई ही एकमात्र रास्ता बचा है।

250 मिलियन टन माल की लोडिंग का लक्ष्‌य रखा

नए वित्तीय वर्ष के लिए इस्ट कोस्ट रेल जोन भुवनेश्वर ने 250 मिलियन टन माल की लोडिंग का लक्ष्‌य तय किया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 204.88 मिलियन टन माल की लोडिंग कर सबसे आगे रहने पर जोन के अधिकारियों-कर्मचारियों को महाप्रबंधक विद्याभूषण ने बधाई दी है। उन्होंने चालू वित्तीय वर्ष में 250 मिलियन टन माल की लोडिंग जोन अंतर्गत करने का लक्ष्‌य तय किया है।

केके रेललाइन का महत्वपूर्ण योगदान

वाल्टेयर रेलमंडल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी जयराम बिरलंगी ने कहा है कि किरंदुल-कोत्तावालसा रेललाइन की पहचान लौह अयस्क परिवहन को लेकर है। कोरोना संक्रमणकाल में भी इस रेललाइन से होकर अधिकाधिक लौह अयस्क की ढुलाई करके रेलवे अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। आगे भी बैलाडीला से अधिक से अधिक लौह अयस्क की लोडिंग किए जाने की उम्मीद है।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

NaiDunia Local
NaiDunia Local
 
Show More Tags