जगदलपुर। डा- श्यामा प्रसाद मुखर्जी टाउन हाल में निगम के स्वास्थ्य शाखा के अलावा स्वच्छता से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों का स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 के महत्वपूर्ण बिंदुओं का प्रशिक्षण आयुक्त ने दिया। स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत दो अक्टूबर 2014 को की गई थी, जिसका पहला चरण एक अक्तूूबर को खत्म हुआ और दो अक्तूबर से दूसरे चरण की शुरुआत की गई। प्रथम चरण में घर-घर शौचालय और सार्वजनिक शौचालय निर्मित कर खुले में शौच की आदत को बंद करने में सफलता मिली।

इसके साथ ही मिशन क्लीन सिटी के तहत घर-घर से कचरा उठाने और बड़े डस्टबिन को हटाने से शहर में कचरों का ढेर कम हुआ, परंतु अभी-भी पूरी तरह से कचरा का संग्रहण, प्रसंस्करण और निपटान नहीं हो रहा है। इसके साथ ही प्लास्टिक, पन्नाी, डिस्पोजेबल, बोतल, पाउच से शहर की रोड और नालियां मुक्त नहीं हो पाई हैं। लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरुकता की बहुत ज्यादा कमी है। इंहीं सभी कमियों को दूर करने के उद्देश्य से स्वच्छता महाअभियान की शुरुआत की गई है। जिसमें दो अक्तूबर 2026 तक देश के सभी शहरों को कचरा मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस लक्ष्‌य को प्राप्त करने स्वच्छ सर्वेक्षण निरंतर जारी रहेगा। शहरों के मध्य स्वच्छ बनने की प्रतिस्पर्धा हो। इसी कड़ी में स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 के दिशा-निर्देश आयुक्त ने जारी किया। सर्वेक्षण में रैंकिंग के लिए कुल 7500 अंक निर्धारित हैं, जिसमें 3000 अंक सर्विस लेवल प्रोग्रेस, 2250 अंक ओडीएफ और जीएफसी का प्रमाण-पत्र तथा 2250 अंक जनता की आवाज के लिए निर्धारित किया गया है। 80 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर ही कोई शहर टाप 10 में जगह बना सकता है।

कचरा प्रबंधन के साथ जनमानस का सहयोग

आयुक्त ने बताया कि निगम के 1100 कर्मचारी, 5 से 10 हार शासकीय कर्मचारी की सहायता तथा लोगों के सहयोग से स्वच्छता का संदेश जनमानस तक बहुत ही आसानी से पहुंचाया जा सकता है। जब तक लोग लापरवाहीपूर्वक कचरा रोड, नाली व अन्य स्थानों में फेंकते रहेंगे तब तक शहर की स्वच्छता में सुधार नहीं आएगा। निगम को न केवल बेहतर कचरा प्रबंधन करना होगा, बल्कि विशाल जन जागरण अभियान चलाने की जरुरत है।

इसी को ध्यान में रखते हुए बुधवार से स्वच्छ सर्वेक्षण-2022(मेरा वार्ड सुंदर वार्ड पखवाड़ा) चलाया जायेगा, जिसमें वृहत सफाई के अलावा, विशाल जन जागरण गतिविधि और लापरवाहीपूर्वक कचरा फेंकने वालों पर जुर्माना भी किया जायेगा। प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग पर सख्ती से कार्यवाही की जायेगी। इस दौरान अधिकारी कर्मचारियो के द्वारा उदासीनता किये जाने पर सख्ती बरती जाएगी।

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