जांजगीर-चांपा (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिला मुख्यालय के हाई स्कूल मैदान में इस बार दशहरा कोविड गाइडलाइन के अनुसार मनेगा। यहां इस बार भी रावण का 10 फीट का पुतला दहन किया जाएगा। वहीं नैला में भी 10 पᆬीट का रावण मिडिल स्कूल के सामने जलाया जाएगा। इस बार रेलवे मैदान की जगह को बदला गया है।

जिला मुख्यालय में हाईस्कूल मैदान का दशहरा प्रसिद्घ है। हर वर्ष यहां 40 से 50 फीट का पुतला दहन किया जाता था मगर इस बार कोरोना काल के चलते मात्र 10 फीट का पुतला दहन होगा। राम लक्ष्मण और हनुमान की झांकी इस बार नहीं निकलेगी। बिना बाजे गाजे के राम लक्ष्मण और हनुमान के वेश में बालक दशहरा स्थल पहुचेंगे और पुतला की परिक्रमा के बाद पुतला दहन किया जाएगा। मैदान में दुकानें भी नही लगेंगी, न ही मंच बनेगा। इस बार सांस्कृतिक कार्यक्रम भी नहीं होगा। शासन के गाइड लाइन का पालन करते हुए दशहरा का आयोजन हाई स्कूल मैदान में किया जाएगा इसी तरह नैला में भी मात्र दस फीट ऊंचाई का पुतला दहन किया जाएगा। रेलवे मैदान के बजाय इस बार मिडिल स्कूल के सामने पुतला दहन किया जाएगा।

व्यवसायियों में मायूसी

हर साल दशहरा में छोटे व्यवसायियों खासकर होटल ठेला खोमचों में खूब बिक्री होती थी मगर इस बार भी दशहरा मैदान में दुकानें नही लगाने के आदेश के बाद छोटे व्यवसायियों में मायूसी है। दशहरा मैदान में होटल लगाने वाले सुमित शर्मा का कहना है कि साल भर से वे दशहरा का इंतजार करते हैं मगर इस बार मायूसी हाथ लगी है। कोरोनाकल के चलते मैदान में वे होटल नहीं लगा पाएंगे। इसी तरह साप्ताहिक बाजार भी नही लग रहा है इस लिए व्यवसायी आर्थिक संकट से जूझने को मजबूर हैं।

रेडिमेड पुतले की अधिक मांग

दशहरा का पर्व नजदीक आते ही बाजार में रेडिमेड रावण के पुतले बिकने लगे हैं। कोरोना काल के कारण शासन ने रावण के पुतले की ऊंचाई कम कर दी है। ऐसे में छोटे- छोटे पुतलों की अधिक बिक्री हो रही है। बाजार में 200 रूपए से लेकर 2 हजार रूपए में रावण के रेडिमेड पुतले मिल रहे हैं।

चांपा के भालेराय मैदान में नहीं होगा पुतला दहन

भालेराय मैदान चांपा में होने वाले दशहरा महोत्सव एवं रावण दहन का कार्यक्रम नहीं किए जाने का निर्णय समिति ने लिया है। इस संबंध में विराट चांपा दशहरा महोत्सव समिति के संयोजक नागेंद्र गुप्ता ने बताया कि दशकों से आयोजित दशहरा महोत्सव एवं रावण पुतला दहन का कार्यक्रम पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी नहीं किया जाएगा क्योंकि अभी शत प्रतिशत टीकाकरण नहीं हो पाया है और साथ ही बधाों का टीका लगना प्रारंभ नहीं हुआ है। बधो अपने परिवार के साथ दशहरा मेला आने को उत्सुक रहते हैं। उन्हें संक्रमण का जोख़िम बना हुआ है और साथ ही शासकीय गाइडलाइन की पालना भी मुश्किल है इन्हीं कारणों से यह निर्णय लिया गया है। आगामी वर्षों में भव्य रुप से महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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