जांजगीर-चांपा (नईदुनिया न्यूज)। जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार स्कूलों का दौरा करने और कक्षा में जाकर विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने वाले कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने उधा अधिकारियों से समन्वय बनाकर जिले के सौ से अधिक स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष बनाने की स्वीकृति प्राप्त की है। कलेक्टर के इस प्रयास से दूरस्थ क्षेत्रों के प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक स्कूलों में भवन की कमी से जूझ रहे विद्यार्थियों को तंग कमरे में या अन्य कक्षाओं के बधाों के साथ बैठकर पढ़ाई करने से आजादी मिल जाएगी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शिक्षा को संवारने के साथ संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। उनके निर्देशन में जिले में शिक्षा को बेहतर बनाने के साथ नई संभावनाओं की दिशा में कार्य कर रहे कलेक्टर सिन्हा ने अनेक स्कूलों का दौरा करने के बाद देखा था कि स्कूल में भवन की कमी है और विद्यार्थियों को बैठने में समस्या आ रही है। उन्होंने अपना प्रयास जारी रखा और उधा स्तर के अधिकारियों से संपर्क बनाकर जिले में 101 स्कूलों में अतिरिक्त कक्षों की स्वीकृति भी हासिल कर ली। राज्य शासन के माध्यम से सर्व शिक्षा अभियान अंतर्गत राशि 4 करोड़ 58 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के पश्चात 60 प्रतिशत की राशि लगभग 2 करोड़ 75 लाख रूपये जारी की गई है। 101 स्कूलों में 105 अतिरिक्त कक्ष के लिए लगभग 8 करोड़ की राशि खर्च होगी। चूंकि इन स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए राशि की कमी भी आ रही थी। समय के साथ लागत बढ़ने और स्कूल भवन की आवश्यकताओं को देखते हुए कलेक्टर ने जिला खनिज न्यास से 4 करोड़ की राशि देने की बात कही है। इस तरह अतिरिक्त कक्ष बनाने के लिए जिले में राशि की समस्या नहीं आएगी। उन्होंने निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता के साथ अतिरिक्त कक्ष बनाने और जर्जर भवन को डिस्मेंटल करने के निर्देश भी दिए हैं।

किस ब्लाक में कितने अतिरिक्त कक्ष

जिले के 101 स्कूलों में 105 अतिरिक्त कक्ष बनाए जाएंगे। जिसमें बम्हनीडीह ब्लाक में 14, बलौदा ब्लाक में 12, मालखरौदा ब्लाक में 9, पामगढ़ में 12, सक्ती ब्लाक में 8, डभरा ब्लाक में 13, जैजैपुर ब्लाक में 13, नवागढ़ ब्लाक में 12, अकलतरा ब्लाक में 8 स्कूल शामिल है।

सीईओ रहते शुरू हुआ था प्रयास अब हुआ पूरा

कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा शिक्षा के महत्व को भलीभंति जानते हैं। वे जिले में शिक्षकों को उनका दायित्व और कर्तव्य समझाने के साथ विद्यार्थियों को भी पढ़ाई के लिए प्रेरित करते हैं। शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रति उनकी रूचि शुरू से ही रही है। 8 साल पहले जब वे यहां जिला पंचायत सीईओ थे तब भी वे लगातार क्षेत्र का दौरा करते थे। ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों को संवारने और अतिरिक्त कक्ष के लिए 2014-15 में उनके ही प्रयास से प्रस्ताव गया था। यह संयोग भी है कि इस जिले का कलेक्टर बनने के बाद उनके कुछ प्रयास से 101 स्कूलों में 105 अतिरिक्त कक्ष की स्वीकृति मिली है। हालांकि लगभग 8-9 साल पहले अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए जो लागत राशि निर्धारित थी वह समय बीतने के साथ लगभग दुगनी हो चुकी है। कलेक्टर ने सरकारी स्कूल में भवन की कमी को दूर करने जिला खनिज मद से भी शेष राशि को वहन करने की पहल की है।

अब कई क्लास के बच्चों को एक कक्षा में बैठने से मिलेगी मुक्ति

शासन द्वारा जिले के 101 स्कूलों में 105 अतिरिक्त कक्ष बनाये जाने की स्वीकृति मिलने से ऐसे सरकारी स्कूल, जहां भवन की कमी है और दो कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक साथ बैठाकर अध्यापन कराया जाता है। उन स्कूलों के विद्यार्थियों को एक साथ नहीं बैठना पड़ेगा। अलग-अलग कक्ष बनने से विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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