जांजगीर-चांपा (नईदुनिया न्यूज)। ग्राम बहेराडीह में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से गोठान में स्व सहायता समूह की पोल्ट्री फार्म के 43 चूजों की मौत हो गई। समूह की महिलाओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मुआवजा देने की मांग की है।

बलौदा ब्लाक अंतर्गत जाटा पंचायत के आश्रित ग्राम बहेराडीह में स्थित गोठान में बिहान समूह की महिलाओं द्वारा पोल्ट्री फार्म में मुर्गी पालन किया जाता है। यहां शेड में सैकड़ो मुर्गी और चूजे रहते हैं। आकाशीय बिजली की चपेट मेंआने से 43 चूजों की मौत हो गई। घटना की सूचना चाम्पा थाना समेत जनपद सीईओ, पशु चिकित्सा विभाग को दी गई है। सूचना पर मृत चूजों का पीएम भी किया गया। प्राकृतिक आपदा के तहत क्षतिपूर्ति राशि की मांग को लेकर जनदर्शन में स्व सहायता समूह की महिलाओं ने कलेक्टर से मुलाकात की और नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की। जिस पर कलेक्टर ने शासन के नियमानुसार मुआवजा राशि बिहान के समूह की महिलाओ को दिलाये जाने का आश्वासन दिया।

जय भुवनेश्वरी महिला स्व सहायता समूह बहेराडीह की अध्यक्ष पुष्पा यादव व सावित्री कंवर और गोठान प्रबंधन समिति तथा कृषक संगवारी ने बताया कि जिले के सभी ब्लाक के दो दो गोठान को सोनाली किस्म की मुर्गी का चूजा वितरित किया गया है। इस योजना के तहत बलौदा ब्लॉक के जाटा पंचायत के आश्रित ग्राम बहेराडीह के माडल गौठान को चूजे दिए जाने की मांग भी की गई। ज्ञात हो कि यहां पर कड़कनाथ मुर्गी के अलावा देशी मुर्गी गिनीपाल, व अन्य किस्म की मुर्गी पालन किया जा रहा है। मुर्गी पालन के साथ साथ बकरी पालन, मशरूम उत्पादन, सब्जी, फल, फूल खेती, मछली पालन व अन्य आर्थिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। सरपंच अनिता सपन मिरी, उप सरपंच चन्दा सरवन कश्यप व सचिव जमुना सिंह नेताम ने बताया कि गोठान से लगे बहेरा तालाब और बांधा तालाब को भी समूह को मछली पालन के लिए दिया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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