सक्ती (नईदुनिया न्यूज)। जिला का दर्जा तो सक्ती को मिल गया लेकिन सड़कों की बदहाली की गाथा बताती है कि उपेक्षा में जीने को नगरवासी मजबूर हैं।

सक्ती को नेता तो बड़े बड़े मिले, वहीं कई मंत्री भी रहे लेकिन सड़क की दुर्दशा में सुधार नहीं हुआ। भारत की आजादी के बाद से दशकों तक राज परिवार का दबदबा रहा फिर भाजपा का उसके बाद डा. महंत यहां के विधायक व विधानसभा के अध्यक्ष हैं बावजूद इसके सक्ती की सड़कों की हालत दयनीय है। शनि मंदिर से लेकर कसेरपारा सड़क पूरी तरह से गड्डों में तब्दील हो गई है। इस संबंध में सायकल दुकान संचालक मदनलाल देवांगन का कहना है कि जब भी चुनाव आता है हम विकास के नाम पर नेताओं को वोट देते हैं लेकिन विकास तो दूर नगर में सड़कों के कारण परेशानी बढ़ गई है। वाहन धुलाई सेंटर के संचालक भरतलाल देवांगन बताते हैं कि सड़क की हालत खराब होने के कारण लोग यहां आते नहीं है जिससे उनका व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। सड़कों में गड्ढे और कीचड़ के कारण पैदल चलने वालों को तो परेशानी होती ही है वहीं लोग वाहन फिर से खराब होने के भय से यहां धुलवाने भी नहीं आते। हल्की बारिश में भी यहां कीचड़ हो जाती है। राजापारा मार्ग की दुर्दशा से लोगों को बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं लोग अब इस सड़क में आनेजाने से भी कतराने लगे हैं जिसके कारण व्यापारियों को भी व्यापार में नुकसान उठाना पड़ रहा है। ज्ञात हो कि यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग की बताई जाती है लेकिन नए राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण होने के बाद से ही इस सड़क की सुध लेनेवाला कोई नहीं है। नगर पालिका अध्यक्ष भी रोज इसी सड़क से अपने कार्यालय जाती हैंमगर उन्होंने भी इस सड़क की मरम्मत के लिए सुध नहीं ली। खराब सड़क के कारण अक्सर यहां जाम भी लग जाता है जिसके कारण लोगों को परेशानी होती ही है साथ ही सड़कों का कीचड़ वाहन गुजरने से घरों और दुकानों तक छिटकता है। सामान्य दिनों में लोग सड़क की धूल से परेशान रहते हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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