जांजगीर - चांपा (नईदुनिया न्यूज)। शहरों की निगरानी व सुरक्षा के लिए पांच साल पहले जिले के सभी नगरीय निकायों के चौक चौराहों में मिशन सेफ सिटी के तहत हाई रेज्युलेशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इसी के तहत जिला मुख्यालय जांजगीर के कचहरी चौक और नेताजी चौक में भी कैमरा लगाए गए थे जो जिले के प्रशासनिक व्यवस्था की भेंट चढ़ गए। तीन साल पहले जून 2018 में तत्कालीन सीएम डा रमन सिंह की विकास यात्रा जब नगर पहुंची थी तब सारे सीसीटीवी कैमरे के तार काट दिए गए और इसके बाद उसे दोबारा नहीं जोड़ा गया। देखरेख के अभाव में सभी कैमरे खराब हो गए। ऐसे में नवपदस्थ एसपी ने जिला मुख्यालय के 10 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा है।

जांजगीर शहर के प्रमुख चौक - चौराहों पर अब सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जाएगी। तेजी से बढ़ती दुर्घटनाओं और अन्य अपराधों पर नजर रखने के लिए एक बार पिᆬर जिला पुलिस हाईटेक तकनीक से जुड़ने जा रही है। ताकी कम संसाधन में भी शहर की सुरक्षा चाक - चौबंद तरीके से की जा सके। इसके लिए पुलिस विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। शहर के प्रमुख चौक चौराहों को चिन्हांकित किया गया है, जहां पर कैमरे लगाए जाएंगे। शहर में सीसीटीवी कैमरे लग जाने से शहर के सभी हिस्सों में आसानी से नजर रखी जा सकती है। एक ही स्थान पर बैठकर पूरे शहर के मुख्य चौक-चौराहों और मोहल्लों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। किसी भी वारदात के बाद अपराधियों को आसानी से पहचाना जा सकेगा। साथ ही स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिन्हांकित स्थानों पर जल्द ही पुलिस बल भेजे जा सकेंगे। इसके पहले शहरों की सुरक्षा को लेकर मिशन सेफ सिटी के तहत पांच साल पहले एएसपी रहते विजय अग्रवाल ने जिला मुख्यालय जांजगीर सहित जिले में प्रवेश करने वाली सीमाओं और नगरीय निकायों के चौक चौराहों में महानगरों की तर्ज पर चौक - चौराहों में हाई रेज्युलेशन सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। इसके तहत जिला मुख्यालय जांजगीर के कचहरी चौक, नेताजी चौक और रेल्वे स्टेशन में हाई रेज्युलेशन के सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और यातायात थाना में उसका मानिटर लगाया गया था ताकि 24 घंटे नजर रखी जा सके। तीन साल पहले जून 2018 में तत्कालीन सीएम डा रमन सिंह की विकास यात्रा जब नगर पहुंची थी तब सारे सीसीटीवी कैमरे के तार काट दिए गए और उसे दोबारा नहीं जोड़ा गया और देखरेख के अभाव में सभी कैमरे खराब हो गए। नवपदस्थ एसपी विजय अग्रवाल ने पद्भार ग्रहण करने के साथ ही जिले में यातायात व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सभी थाना प्रभारियों की बैठक लेकर निर्देश दिए हैं। वहीं जांजगीर के शहर के प्रवेश द्वारों के साथ ही चौक चौराहों में सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए प्रस्ताव भेजा है।

पहचान नहीं होने से आरोपितों तक नहीं पहुंच पाती पुलिस

जिला मुख्यालय जांजगीर और चांपा शहर में रेल सुविधा होने के कारण इन शहरों में चोरी, डकैती जैसी घटनाओं को अंजाम देकर आरोपित रात में ही फरार हो जाते हैं। जब तक मकान मालिक को पता चले और पुलिस अपनी जांच शुरू करती है तब तक आरोपित जिले से बहुत दूर निकल जाते हैं। किसी प्रकार की कोई पहचान नहीं होने के कारण पुलिस आरोपितों तक पहुंच नहीं पाती है। इसलिए जांजगीर में नेताजी चौक, कचहरी चौक तथा चांपा के बैरियर चौक और रेस्ट हाउस के पास कैमरा लगाया गया था।

इन चौक चौराहों में लगाए जाएंगे कैमरे

पुलिस विभाग द्वारा जांजगीर के दस स्थानों और प्रमुख चौराहों का चयन सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए किया गया है। इसके तहत कलेक्टोरेट तिराहा, बीटीआई चौक, कचहरी चौक, पुलिस कंट्रोल रूम के सामने, कोतवाली थाना के पास, चर्च के सामने, केरा चौक, शारदा चौक, नेताजी चौक और रेलवे स्टेशन में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। डीएसपी ट्रैपिᆬक संदीप मित्तल ने बताया कि इस बार अत्याधुनिक बुलेट कैमरा, आटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर कैमरा लगाए जाएंगे। सभी कैमरे वायरलेस कनेक्टिविटी से लैस होंगे।

कैमरे लगने से यह होगा फायदा

किसी प्रकार का अपराध घटित होने के बाद अपराधियों की तलाश में पुलिस को मश-त करनी पड़ती है, ब्लाइंड केसेज में पुलिस को सफलता नहीं मिल पाती। कैमरे लगने से घटना समय से लेकर उसके पहले और बाद शहर में आने व बाहर जाने वाले लोगों के यदि पैदल हैं तो चेहरे और वाहनों में होने पर उसके वाहनों के नंबर तक ट्रेस होगा। इससे आरोपितों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा। सड़क हादसे के बाद भागने वाले वाहन भी पकड़े जा सकेंगे। लेकिन सीसीटीवी खराब होने के कारण पुलिस को ही अभी आरोपितों की धरपकड़ में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

क्या है बुलेट कैमरा

यह कैमरा आम तौर पर छोटा और राइपᆬल बुलेट के आकार का होता है। इसका ब्यास सिगरेट के बराबर होता है। लिपिस्टिक के आकार के होने के कारण इन्हें लिपिस्टिक कैमरा भी कहा जाता है। लंबी दूरी तक निगरानी रखने में यह कैमरा सहायक होता है। लाइसेंस प्लेट या लोगों के चेहरे को इसमें स्पष्ट देखा जा सकता है।

'' तेजी से बढ़ती दुर्घटनाओं और अन्य अपराधों पर नजर रखने के लिए जिला मुख्यालय जांजगगीर के दस स्थानों और प्रमुख चौराहों का चयन सीसीटीवी कैमरा लगाने के लिए किया गया है। इसका प्रस्ताव बनाकर जिला प्रशासन को भेजा गया है। शीघ्र ही सभी चयनित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।

विजय अग्रवाल

एसपी, जांजगीर - चांपा

Posted By: Nai Dunia News Network

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