जांजगीर-शिवरीनारायण (नईदुनिया न्यूज)। गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने और पिछले पांच दिनों से लगातार हो रही वर्षा के चलते नदी नाले ऊपᆬान पर हैं। शिवरीनारायण में महानदी का पानी मंगलवार की सुबह शबरी पुल से एक पᆬीट ऊपर तक पहुंच गया। जबकि सोमवार को पानी दो पᆬीट नीचे बह रहा था। शाम तक पुल के ऊपर से दो पᆬीट पानी चल रहा था। महानदी पुल के पास बेरिकेड्स लगाकर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस के जवान और गोताखोर तैनात किया गया है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मुनादी भी करा दी है। हालांकि देर शाम तक जलस्तर स्थिर रहा। मौसम खुलने से लोगों ने राहत की सांस ली।

लगातार हो रही वर्षा से गंगरेल बांध लबालब भर गया है। ऐसे में खतरे के निशान से ऊपर बांध में पानी भरने के कारण सोमवार को गंगरेल बांध से डेढ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद महानदी में बाढ़ का खतरा बढ़ गया। बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गए। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा और पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने अधिकारियों की आनलाइन बैठक लेकर जिले में हो रही लगातार वर्षा और बाढ़ के संभावित खतरों से निपटने आवश्यक तैयारी की समीक्षा की। उन्होंने धमतरी जिले के गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के बाद शिवरीनारायण सहित महानदी किनारे के आसपास इलाकों में पानी का स्तर बढ़ने से होने वाली जन-धन की हानि को रोकने के लिए मुनादी कराने और इसके आसपास रहने वाले लोगों को राहत शिविर में पहुचाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने गंगरेल बांध से गेट खोले जाने के बाद मंगलवार 16 अगस्त की सुबह 5 बजे से महानदी का जल स्तर बढ़ने और शिवरीनारायण तथा महानदी के किनारे आसपास के क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसी संभावनाओं को देखते हुए सभी अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। बांध का पानी मंगलवार की सुबह शिवरीनारायण पहुंचा और महानदी का जलस्तर लगातार बढ़ने लगा। देखते ही देखते महानदी का पानी शबरी सेतु के ऊपर आ गया। प्रशासन ने शिवरीनारायण के वार्ड क्रमांक एक शिकारी डेरा, जनकपुर तथा मवेशी बाजार के आसपास के लोगों को सावधान रहने को कहा। इसके अलावा वार्ड 14, 15 सहित देवरी, खोरसी, तनौद, कनस्दा क्षेत्र के महानदी तटीय किनारे बसे गांव के लोगों को सुरक्षित स्थान में जाने को कह दिया गया है। महानदी पुल के पास बेरिकेड्स लगाकर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस के जवान और गोताखोर तैनात किए गए हैं।

बलौदाबाजार , सरसींवा सारंगढ़ का बिलासपुर से कटा संपर्क

महानदी का जलस्तर बढ़ने से गिधौरी घटमड़वा मार्ग में स्थित पुल के ऊपर से चार पᆬीट पानी बह रहा है। इसके चलते पूरी तरह आवागमन बाधित हो गया है। वहीं महानदी में शबरी पुल के ऊपर पानी आने के बाद शिवरीनारायण का बलौदाबाजार, सरसींवा सारंगढ़ से संपर्क कट गया है। वहीं बलौदाबाजार , सरसींवा सारंगढ़ का बिलासपुर से संपर्क टूट गया है।

जल स्तर कम होने पर राहत पहुंचाने के निर्देश

कलेक्टर ने संभावित बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में राहत और बचाव के लिए अलर्ट रहने के निर्देश देने के साथ इन क्षेत्रों में पानी का स्तर कम होने के बाद गंदगी और बीमारी की संभावना बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने और राहत शिविरों में उपचार की व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने पीएचई को राहत शिविर में शुद्घ पेयजल उपलब्ध कराने, डूबान क्षेत्रों में पेयजल के लिए टैंकरों की व्यवस्था के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सीएमएचओ को निर्देशित किया कि आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों में बीमारियों से उपचार के साथ अस्पताल की सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

आईजी ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण

फोटो 16 जानपी 36 जेपीजी - एसडीआरएपᆬ के जवानों से चर्चा करते आईजी रतनलाल डांगी

महानदी में संभावित बाढ़ को देखते हुए बिलासपुर संभाग के आईजी रतन लाल डांगी शिवरीनारायण पहुंचे और महानदी के तटीय क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने बचाव और राहत कार्य में लगे अधिकारी कर्मचारियों से चर्चा की और सावधानी व सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उनके साथ एसपी विजय अग्रवाल भी थे। उन्होंने शिवरीनारायण के वार्ड क्रमांक एक शिकारी डेरा, जनकपुर तथा मवेशी बाजार के आसपास के लोगों को सावधान रहने को कहा। इसके अलावा उन्होंने बाढ़ पीड़ितों के लिए बनाए गए राहत शिविरों में की गई व्यवस्था का भी जायजा लिया।

416 ग्रामीण राहत शिविर में, सात मकान ढहे, 90 आंशिक क्षतिग्रस्त

जांजगीर-चाम्पा (नईदुनिया न्यूज) । जिले में लगातार वर्षाऔर महानदी के जल स्तर बढ़ने पर इससे प्रभावित आमनागरिको और ग्रामीणों को जिला प्रशासन द्वारा राहत शिविरों में ठहराया जा रहा है। यहाँ इनके भोजन व रहने की व्यवस्था भी की गई है। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा जिले में बाढ़ तथा बारिश से प्रभावित लोगों की जानकारी सतत ले रहे हैं और राहत शिविरों की मॉनिटरिंग भी कर रहे हैं। जिले में बनाए गए राहत शिविरों में अब तक 416 लोगों को ठहराया गया है। जिले के लिए यह भी राहत वाली बात है कि आज मौसम खुला रहा और बाढ़ आपदा राहत नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नम्बर में किसी के भी फोन नहीं आए। कलेक्टर ने महानदी सहित अन्य नदी-नालों में पानी के प्रवाह की गति को देखते हुए आमनागरिको को ऐसे जगहों पर नहीं जाने और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। धमतरी जिले के गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी के जलस्तर में वृद्घि को देखते हुए राहत एवं बचाव दल को अलर्ट किया गया है। हालांकि मौसम खुलने से कुछ राहत है, लेकिन जिला प्रशासन हर प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। जिले में डभरा तहसील चंद्रपुर में 278, सकराली में 103 लोगों को राहत शिविर में लाकर उनके भोजन और आवास की व्यवस्था की गई है। पामगढ़ तहसील के ससहा में 23 लोगों, और खरखौद में 12 लोगों को राहत शिविर में रखा गया है। जिले में वर्षा और बाढ़ से किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि की सूचना नहीं है। वर्षा से 7 मकान पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं और 90 मकानों को आंशिक क्षति पहुची है। जिले में बाढ़ और अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आपदा नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गयी है, जिसका हेल्पलाइन नम्बर - 07817-222032 है । कलेक्टर सिन्हा ने सभी नागरिकों से अपील की है कि महानदी में अभी भी जल का स्तर बढ़ा हुआ है और पानी का बहाव बहुत तेज है। इसलिए सभी सतर्क रहें और न ही पुल पार करें और बाढ़ वाले क्षेत्रों में न जाएं। कलेक्टर ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को सतर्कता बरतने और किसी भी स्थिति से निपटने तैयार रहने निर्देश भी दिए हैं।

जिले में अब तक 1060.8 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज

जिले में 1 जून से 16 अगस्त तक 1060.8 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। गत वर्ष इसी अवधि में 696.6 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी। अधीक्षक भू-अभिलेख से मिली जानकारी के अनुसार उक्त अवधि में जिले की तहसील जांजगीर में 1085.4, मिलीमीटर, अकलतरा 1003, बलौदा 1034.9, नवागढ 1280, पामगढ़ 1073.7, चांपा 1533, सक्ती 906.7, जैजैपुर 954.7, मालखरौदा 970.4, डभरा 1021.7, शिवरीनारायण 1248.1, बम्हनीडीह 1129.1 सारागांव 760.8 नया बाराद्वार 906.2 और अड़भार तहसील में 1003.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

Posted By: Nai Dunia News Network

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