शिवरीनारायण। Janjgir- Champa News : उत्तर प्रदेश के आयोध्या में बनने जा रहे रामलला मंदिर के लिए छत्तीसगढ़ के 3 स्थानों से मिट्टी और जल ले जाए जाएंगे। इसमें धार्मिक नगरी और शबरी की जन्मभूमि शिवरीनारायण से मिट्टी और जल भेजा जाएगा। विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारी और संत शिवरीनारायण पहुंचे और पूजा अर्चना कर सिंदुरगिरी जनकपुर से मिट्टी व चित्रोत्तपला महानदी की पूजा अर्चना कर रामघाट से जल एकत्र किया।

अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण अब शुरू होने वाला है। इसके लिए प्रारंभिक तैयारियां शुरू हो गई है। देश-प्रदेश के धार्मिक स्थलों से मिट्टी और पवित्र नदियों का जल एकत्र किया जा रहा है। इसी कड़ी में विश्व हिन्दू परिषद, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ, बजरंग दल, भाजपा के पदाधिकारी जिले के धार्मिक नगरी शिवरीनारायण पहुंचे। पदाधिकारियों ने नगर के वार्ड 1 में स्थित सिन्दूरगिरी से पवित्र मिट्टी और चित्रोत्तपला महानदी के राम घाट से पवित्र जल की पूजा अर्चना कर महंत रामसुंदर दास की उपस्थिति में रामलला मन्दिर निर्माण के लिए पवित्र जल और मिट्टी एकत्रित की।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख स्थान शिवरीनारायण, राजिम और सरगुजा के हरका चौरा से जहां भगवान राम वन पथ गमन चिन्हांकित है। इन तीनों स्थानों से पवित्र जल और मिट्टी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भेजा जाएगा। इस अवसर पर शिवरीनारायण मठ के महंत रामसुंदर दास ने कहा कि शिवरीनारायण के महानदी में तीन नदियों का संगम है और माता शबरी की जन्मभूमि भी है। अयोध्या में भगवान रामलला की मंदिर के निर्माण में शिवरीनारायण के मिट्टी और महानदी के पवित्र जल के साथ ही भगवान नर- नारायण के चरण कमल रोहणी कुंड के जल का उपयोग होगा।

यह निश्चित रूप से प्रदेश और शिवरीनारायण नगर वासियों के लिए बड़े सौभाग्य की बात है। जब भी नगरवासी अयोध्या में रामलला के दर्शन को जाएंगे तो वहां उन्हें अपनेपन का अहसास होगा। कोटमी सोनार मठ के महंत सर्वेश्वर दास ने कहा कि वर्षों के संघर्ष का प्रतिफल है कि आज अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर का निर्माण होने जा रहा है। मंदिर निर्माण में छत्तीसगढ़ के धार्मिक स्थल शिवरीनारायण के मिट्टी और महानदी के पवित्र जल का उपयोग किया जाएगा।

आज का यह दिन गौरव का दिन है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के तीन प्रमुख स्थान शिवरीनारायण, राजिम और सरगुजा के हरका चौरा से मिट्टी एकत्र कर अयोध्या भेजी जाएगी। महंत सर्वेश्वर दास ने बताया कि वनवास के दौरान भगवान राम ने सरगुजा के हरका चौरा से ही छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था। आज यह तीनों स्थान ही रामवन गमन पथ में शामिल है।

इस अवसर पर शिवरीनारायण मठ के मंहत रामसुंदर दास, कोटमीसोनार मठ के महंत सर्वेश्वर दास, विश्व हिंदू परिषद के जुड़ावन सिंह ठाकुर, मनमथ नाथ शर्मा, योगेश शर्मा, सत्येन्द्र नाथ दुबे, रामचंद थवाणी, प्रकाश साहू, बिहारी तम्रकार, श्याम बिहारी त्रिपाठी, डा. संतोष मोदी, भाजपा मंडल अध्यक्ष संजीव बंजारे, राहुल थवाईत, बुद्धेश्वर केशरवानी, विष्णु हरि गुप्ता सहित सीताराम कुम्भकार और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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