जांजगीर -चांपा । (नईदुनिया न्यूज)। जिला मुख्यालय जांजगीर के हाईस्कूल क्रमांक एक में दो साल से स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ठ विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए लाखों रूपए के पᆬर्नीचर, महंगे कम्प्यूटर, एलईडी सहित अन्य सामग्री शासन से भेजे गए हैं जो 6 महीने से स्कूल के बंद कमरे में पड़े - पड़े धूल खा रहे हैं। स्कूल भवन के जीर्णोद्घार का काम दो साल में भी पूरा नहीं हो सका है। कम्प्यूटर और लाइब्रेरी कक्ष का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है। इसकी वजह से उपकरणों का लाभ विद्यार्थियों को नहीं मिल रहा है।

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जांजगीर में दो साल से स्वामी आत्मानंद योजना के उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय संचालित हो रहा है। गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अपने बधाों को केंद्रीय बोर्ड वाले बड़े स्कूलों में न पढ़ा पाने की प्रमुख वजह वहां ली जाने वाली भारी-भरकम फीस होती है। कुछ स्कूलों में पहली कक्षा की फीस ही 20 हजार तक है, जबकि बड़ी कक्षाओं के लिए पालक निजी शिक्षण संस्थाओं में 50 हजार से लेकर 1 लाख तक सालाना फीस व अन्य गतिविधियों के लिए खर्च करते हैं। ऐसे में सरकारी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में वही शिक्षा कम शुल्क में मिल रही है। उत्कृष्ट विद्यालय के लिए दो साल पहले ही फर्नीचर आ गए हैं जो कमरों में अव्यवस्थित पड़े हुए हैं। डेढ़ साल पहले शिक्षा सचिव आलोक शुक्ला के आगमन पर विद्यालय के कुछ कमरों में ही फर्नीचर को व्यवस्थित ढंग से रखा गया था। निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं होने के कारण पᆬर्नीचर कमरों में अस्त व्यस्त पड़े हुए हैं। विद्यालय की प्रत्येक कक्षा में स्मार्ट क्लास, माड्यूलर फर्नीचर, ग्रीन बोर्ड, व्हाइट बोर्ड के साथ आकर्षक कक्ष की सुविधा विद्यार्थियों को मिलनी है। उत्कृष्ट पुस्तकालय, प्रत्येक विषय के लिए पृथक-पृथक आधुनिक प्रयोगशाला के अलावा कंप्यूटर कक्ष, इंग्लिश भाषा लैब, स्पोर्ट्‌स और कला कक्ष सहित अन्य सभी सुविधाएं मिलनी है। स्कूल में छात्रों की रचनात्मक क्षमता के विकास पर जोर दिया जाना है ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो सके। मगर शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना पर विभाग के अधिकारियों की निष्क्रियता हावी है।

विद्यार्थियों को स्मार्ट क्लास की नहीं मिल रही सुविधा

अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को स्कूल में प्राइवेट स्कूलों की तरह स्मार्ट क्लास रूम की सुविधा मिलनी है। इसके अलावा सर्वसुविधायुक्त प्रयोगशाला, हाईटेक लाइब्रेरी, संगीत एवं मनोरंजन के साथ ही संगीत व स्मार्ट क्लास की सुविधाएं मिलनी है। स्कूल भवन के जीर्णोद्घार का कार्य पूरा नहीं होने के कारण विद्यार्थियों के लिए आए कम्प्यूटर, लाइब्रेरी की पुस्तकें, एलईडी, सीसीटीवी, पᆬर्नीचर सहित करोड़ों की अन्य सामग्री पिछले छ माह से स्कूल के बंद कमरे में धूल खा रहे हैं। संसाधन होने के बाद भी विद्यार्थियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। बिजली का काम आज तक पूरा नहीं हो सका है।

स्कूल शिक्षा सचिव का निर्देश भी बेअसर

स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव आलोक शुक्ला रविवार 6 सितंबर 2020 को जिले के प्रवास पर थे। शिक्षा सचिव ने जिला मुख्यालय जांजगीर के हाईस्कूल क्रमांक एक और सक्ती में संचालित अंग्रेजी माध्यम के उत्कृष्ठ विद्यालयों का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने भवन जीर्णोद्घार के कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए थे। मगर जांजगीर और सक्ती दोनों ही स्थानों में स्कूल भवन के जीर्णोद्घार का कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है।

डीपीआई रहते दिए थे निर्देश कलेक्टर बनने के बाद भी पालन नहीं

लोक शिक्षण संचालनालय के तत्कालीन संचालक जितेन्द्र कुमार शुक्ला ने भी 7 पᆬरवरी 2021 को स्वामी आत्मानंद स्कूल जांजगीर का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने डीईओ और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को शीघ्र ही निर्माण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद आठ माह पहले जब वे जिले के कलेक्टर बनकर आए तब यह उम्मीद जगी थी कि वे आत्मानंद स्कूल की तरपᆬ विशेष ध्यान देंगे और निर्माण कार्य में गति आएगी। मगर ऐसा नहीं हुआ और स्कूल का निर्माण अब भी अधूरा ही है। इससे समझा जा सकता है कि अधिकारियों के आदेश का कितना पालन हो रहा है।

दो साल में भी पूरा नहीं हो सका भवन का जीर्णोद्घार

स्कूल भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए सर्वसुविधायुक्त विद्यालय बनाने के लिए जिला खनिज न्यास के द्वारा भौतिक अंधोसंरचना मद से लगभग 1 करोड़ रूपए की राशि 12 मार्च 2020 को स्वीकृत की गई। इसका क्रियान्वयन एजेंसी लोक निर्माण विभाग को बनाया गया है। राशि स्वीकृत होने के बाद टेंडर निकालकर ठेकेदार को कार्य ओदश जारी किया गया। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए एक साल का समय दिया गया था। मार्च 2021 तक निर्माण कार्य पूरा हो जाना था। मगर दो साल पहले जारी टेंडर का काम पूरा नहीं हुआ और दूसरा टेंडर सालभर से पेंडिंग पड़ा हुआ है। अंग्रेजी माध्यम स्कूल में मरम्मत का कार्य कछुए की गति को भी मात दे रहा है। विद्यालय के कमरों में पᆬाल सिलिंग, दीवारों और मैदान में भी टाइल्स लगाने का काम अभी चल ही रहा है।

'' स्कूल भवन के जीर्णोद्घार का पहले पᆬेस का काम अधूरा है। इसके कारण कम्प्यूटर, लाइब्रेरी की पुस्तकें, एलईडी, सीसीटीवी, पᆬर्नीचर को रखने के लिए कमरे नहीं हैं। सभी सामग्री स्कूल के एक कमरे में रखे हैं। बिजली पिᆬटिंग का काम पूरा नहीं हुआ है। सिविल वर्क चल रहा है।

डा. सुहासिनी शर्मा

प्राचार्य , स्वामी आत्मानंद उमावि जांजगीर

Posted By: Nai Dunia News Network

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