जांजगीर-चांपा (नईदुनिया न्यूज)। जिले में तीन दिनों से छाई बदली व बेमौसम बारिश से दलहन तिलहन की फसल को नुकसान हुआ है। सर्वाधिक नुकसान सब्जी की फसल को हुआ है। जिले में 4 हजार 827 हेक्टेयर में सब्जी की खेती हुई है। इनमें कीट प्रकोप की आशंका बढ़ गई है। वहीं प्याज की फसल के गलने का खतरा किसानों ने बताया है।

जिले में रविवार की रात से बदली छाई है। सोमवार की रात व मंगलवार को दिन में रूक-रूककर हुई बारिश से यहां दलहन तिलहन की फसल को नुकसान पहुंचा है, जबकि सब्जी की खेती करने वाले किसान बारिश से ज्यादा परेशान हैं। नवागढ़ ब्लाक के ग्राम मरकाडीह के किसान संतोष कश्यप ने बताया कि उन्होंने पत्ता गोभी , फूल गोभी, टमाटर व अन्य सब्जियों की खेती लगभग 2 एकड़ में की है। फूलगोभी में कीड़े लग रहे हैं, टमाटर भी खराब हो रहा है। प्याज के पौधेबाड़ी में पानी भरने से खराब हो रहे हैं। इसके अलावा दहलन तिलहन के फसल भी खराब हो रहे हैं। जिले में 2 हजार 906 हेक्टेयर में तिलहन फसल अलसी, सरसों, कुसुम की खेती हुई है। इनमें सरसों की फसल को बारिश से नुकसान होने की आशंका किसानों ने जताई है। इसी तरह जिले में 12 हजार हेक्टेयर में दहलन की फसल, तिवरा, मटर, चना, मूंग की खेती हुई है। इनमें तिवरा में फली लग गई है उसमें बेसमय बारिश से कीड़े लग रहे हैं, वहीं कुछ जगह फली नहीं आई तो फूल काले पड़ रहे हैं। गेहूं की बोआई कहीं कहीं हुई है इस फसल को बारिश से उतना नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि जहां कुछ दिन पहले खेती की सिंचाई हुई थी। वहां किसानों को नुकसान हो सकता है। बलौदा ब्लाक के ग्राम नवापारा (ब ) में कृष्ण कुमार पटेल ने बताया कि फूल गोभी में कीड़े लग रहे हैं। किसान रामखिलावन पटेल ने बताया कि उन्होंने एक एकड़ में तिवरा (लाखड़ी) की फसल ली है, जिसमें फूल लगे हैं। बारिश से पत्तेव फूल काले पढ़ने लगे हैंवहीं बाड़ी में टमाटर को भी नुकसान हुआ है। नवापारा के ही किसान शत्रुहन पटेल नेबताया कि सब्जी की खेती को नुकसान हुआ है। मेंहदा के किसान प्रगतिशील किसान संदीप तिवारी ने बताया कि इस बारिश से तिवरा चना व सरसों तथा सब्जी की फसल को ज्यादा नुकसान होगा। हालांकि यहां दलहन तिलहन की खेती कम होती है।

कल तक धान खरीदी बंद

मौसम खराब होने के चलते 9 से12 जनवरी तक जिलेमें धान खरीदी व टोकन काटने का काम बंद कर दिया गया है। वहीं केन्द्रों में रखे धान की सुरक्षा की निर्देश दिए गये हैं, ताकि खरीदे गये धान को भीगने से बचाया जा सके। किसानों ने भी जो धान अब तक नहीं बिक पाया है उसेघरों में सुरक्षित रख दिया है।

' ज्यादा बारिश नहीं हुई हैइसलिए दलहन तिलहन की फसल को नुकसान नहीं होगा। सब्जियों के बारे में उद्यानिकी वाले बताएंगे।

एमआर तिग्गा

उप संचालक कृषि

Posted By: Nai Dunia News Network

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