बलौदा (नईदुनिया न्यूज)। क्षेत्रवासियों को इस वर्ष बजट में व्यवहार न्यायालय की घोषणा होने की उम्मीद थी। लेकिन लोगों को निराशा हाथ लगी। जबकि लोगों ने बलौदा में व्यवहार न्यायालय शुरू करने की मांग प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधि तक से कर चुके हैं। पिछले साल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जांजगीर प्रवास के दौरान क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और अधिवक्ताओं ने भेंटकर सिविल न्यायालय खोलने की मांग की थी। इसके लिए उन्होंने तत्कालीन कलेक्टर को निर्देश भी दिए थे। मगर इस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सुलभ न्याय के लिए यह आवश्यक भी है। मगर बलौदा में अभी तक यह सुविधा शुरू नहीं हो सकी है। मुख्यमंत्री के सभी विधानसभा क्षेत्रों में चल रहे दौरा को देखते हुए एक बार पिᆬर क्षेत्र के लोगों में उम्मीद की किरण जगी है।

तहसील मुख्यालयों में व्यवहार न्यायालय खोलने के लिए भारत सरकार विधि एवं न्याय मंत्रालय नईदिल्ली ने 19 नवंबर 2012 को पत्र जारी कर न्यायालय की संख्या दोगुनी करने राज्य सरकारों को कहा गया था, जिसमे उपसचिव विधि एवं विधायी कार्य विभाग छत्तीसगढ़ शासन ने 16 जनवरी 2015 को कलेक्टर को पत्र जारी कर जिस तहसील मुख्यालय में सिविल न्यायालय नहीं है वहां सिविल न्यायालय की स्थापना के लिए अधोसंरचना की जानकारी मांगी थी। जिसमे बलौदा में व्यवहार न्यायालय की स्थापना के लिए तहसीलदार बलौदा ने कलेक्टर को 11 जून 2014 को भवन की जानकारी उपलब्ध करा दी थी। पटवारी द्वारा न्यायालय स्थापना के लिए 26 फरवरी 2015 को बीआरसी भवन बलौदा का नजरी नक्शा एवं खसरा नं. 3848/1 रकबा 3.42 एकड़ की 0.90 एकड़ पर भवन निर्माण के लिए खाली जगह की जानकारी तहसीलदार को दी थी। बलौदा में व्यवहार न्यायालय के वैकल्पिक भवन, बीआरसी, सामुदायिक भवन जनपद पंचायत, कृषि विभाग, तहसील कार्यालय बलौदा एवं व्यवहार न्यायधीश वर्ग 2 के आवास एवं विश्राम के लिए सरपंच सदन जनपद परिसर, कार्यालय वन परिक्षेत्राधिकारी बलौदा का आवासीय परिसर ,जनपद पंचायत परिसर में स्थित जी टाइप आवासीय भवन का विकल्प सुझाया था। इसके बाद भी अभी तक व्यवहार न्यायालय नहीं खुल सका। ज्ञात हो कि बलौदा के तहसील अधिवक्ता संघ ने हाईकोर्ट से लेकर मुख्यमंत्री जनदर्शन तक बलौदा में व्यवहार न्यायालय की स्थापना के लिए ज्ञापन दिया था, जिसमें छत्तीसगढ़ उधा न्यायालय बिलासपुर के द्वारा 25 मार्च 2015 को तहसील बलौदा में व्यवहार न्यायालय वर्ग 2 की स्थापना किए जाने के लिए राज्य सरकार से अनुशंसा की जा चुकी है, मगर यह फाइल अब तक लंबित है। अभी तक बलौदा में व्यवहार न्यायालय नहीं खुल सका, जिसके कारण क्षेत्र के लोगो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पंतोरा, पहरिया, खारी, गतवा, देवरी, रैनपुर, नवागांव, बुडगहन, बक्सरा, हेडसपुर, केराकछार क्षेत्र के ग्रामीणों को 35 से 40 किलोमीटर दूरी तय कर अकलतरा व्यवहार न्यायालय जाना पड़ता है, इस क्षेत्र से सीधे अकलतरा के लिए बस सुविधा भी नहीं है। ऐसे में लोगो को अतिरिक्त धन व समय जाया करना पड़ता है। क्षेत्रवासियो ने बलौदा में अविलंब व्यवहार न्यायालय खोलने की मांग की है।

क्या कहते है जनप्रतिनिधि

नगर पंचायत बलौदा के पूर्व अध्यक्ष व एल्डरमेन केवल चंद जैन का कहना है कि सिविल न्यायालय बलौदा में खुल जाने से लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। जांजगीर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तत्कालीन कलेक्टर को अग्रिम कार्यवाही के लिए निर्देश भी दिए थे । नगर पंचायत बलौदा के पूर्व अध्यक्ष अशोक अरोरा का कहना है कि यह बहुप्रतीक्षित मांग है । सिविल न्यायालय अकलतरा आने जाने के लिए बलौदा ब्लाक के अंतिम छोर के व्यक्ति को काफी दि-त होती है । हाईकोर्ट बिलासपुर के न्यायाधीश से बलौदा प्रवास के दौरान रेस्ट हाउस में सिविल न्यायालय की मांग के लिए चर्चा कर समस्याओं से अवगत कराया गया था । अधिवक्ता संघ बलौदा के अध्यक्ष हरप्रसाद भोई का कहना है कि सिविल न्यायालय के लिए सभी प्रकार की अधोसंरचना से अवगत करा दिया गया है । मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सिविल न्यायालय खोलने के लिए आवेदन के साथ सभी दस्तावेज दिए गए हैं। नगर के प्रतिष्ठित नागरिक व व्यवसायी श्रीकांत अग्रवाल का कहना है कि बलौदा में सिविल न्यायालय खुल जाने से क्षेत्र के लोगो को काफी सुविधा मिलेगी । अभी अकलतरा आने जाने के लिए लोगो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है । हम सभी मिलजुल कर दलगत राजनीति से उठकर बलौदा सिविल न्यायालय के लिए प्रयास करना चाहिए । नगर पंचायत उपाध्यक्ष राजा कश्यप का कहना है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के जांजगीर प्रवास के दौरान पूर्व विधायक चुन्नाीलाल साहू के साथ क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व वकील संघ की टीम मुलाकात कर बलौदा सिविल न्यायालय के संबंध चर्चा हुई थी । मुख्यमंत्री ने तत्कालीन कलेक्टर को अग्रिम कार्रवाई के लिए निर्देश दिये थे । वही अवराईकला में भी सिविल न्यायालय के संबंध में चर्चा हुई थी । सिविल न्यायालय खुल जाने से लोगों को काफी सुविधा मिलेगी । ब्लाक कांग्रेस बलौदा के अध्यक्ष संगीता सोनी का कहना है कि सिविल न्यायालय के लिए मुख्यमंत्री से मिलकर यहां अविलंब सिविल न्यायालय खोलने की बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करने निवेदन किया जाएगा। विधायक प्रतिनिधि रमाकांत यादव का कहना है कि अभी तक यहां सिविल न्यायालय नही खुलना शासन प्रशासन की उदासीनता का नतीजा है । लोगों की मांग को दरकिनार कर जनता की भावनाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है । लोगों को सिविल न्यायालय अकलतरा आने जाने में परेशानी होती है । तहसील बलौदा का क्षेत्र बहुत बड़ा है । दूरदराज के ग्रामीणों को अकलतरा आने जाने में समय व धन दोनों अधिक लगता है । नगर पंचायत बलौदा के पूर्व अध्यक्ष गोविंद राम देवांगन का कहना है कि उनके कार्यकाल के समय बलौदा तहसील का उद्घाटन हुआ था। उसी समय से लोगों की बुनियादी सुविधाओं को देखते हुए सिविल न्यायालय की मांग की जा रही है । लोगों की यह बहुप्रतीक्षित मांग है । सिविल न्यायालय खुल जाने से लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। अधिवक्ता सुनील श्रीवास का कहना है कि अधिवक्ताओं को सुनवाई के दौरान अकलतरा आने जाने में काफी दि-त होती है । तहसील बलौदा में जिस दिन मामलों की पेशी रहती है उसी दिन अकलतरा न्यायालय में भी केश लगा रहता है। दोनो स्थानों पर एक समय में उपस्थित होना संभव नहीं होता। जिसके कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अधिवक्ता संघ ने हाईकोर्ट से लेकर मुख्यमंत्री तक अपने आवेदन व सभी दस्तावेज दे दिए हैं। लेकिन अभी तक बलौदा सिविल न्यायालय की मांग पूरी नही हुई ।

Posted By: Nai Dunia News Network

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