सक्ती (नईदुनिया न्यूज)। नगर के सबसे पुराना बंधवा तालाब अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है, रात को बंधवा पार में शराबियों का जमावड़ा रहता है। वहीं सुबह खाली बोतलें और डिस्पोजल ग्लास तालाब मेंदिखतेहैं।

वार्ड क्रमांक 4 में स्थित बंधवा तालाब में गंदगी पसरी हुई है, जहां दिन में लोग अपने शरीर को साफ करते हैं वहीं रात के अंधेरे में तालाब पार में शराब पीते हैं और डिस्पोजल व खाली बोतल तालाब में फेक देते हैं। बंधवा तालाब नगर का सबसे पुराना तालाब है साथ ही 90 के दशक से पहले नगर और आसपास के गांवों के लिए बंधवा जीवनदायिनी के रूप में जाना जाता था, लोग इस तालाब के पानी को पीने के लिए उपयोग करते थे वहीं नगरवासी और ग्रामीण यहां नहाने भी आते थे। आज के परिवेश में बंधवा के पानी को पीने के लिए उपयोग में नहीं लाया जा रहा है लेकिन निस्तारी के लिए आज भी सैकड़ों लोग उपयोग करते हैं। इस तालाब को कुछ असामाजिक तत्व के लोग लगातार गंदगी डाल कर तालाब के पानी को प्रदूषित कर रहे हैं। तालाब केआसपास के लोगों का कहना है कि शाम ढलते ही बंधवा तालाब के घाटों मेंअसामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है और शराब, जुआ के साथ साथ अन्य कई प्रकार के नशे का यहां सेवन किया जाता है। उसके बाद खाली बोतलें, चिलम, डिस्पोजल ग्लास सहित चखना के पैकेट पन्नाी बंधवा में डाल दिया जाता है, जिससे तालाब लगातार दूषित हो रहा है। वहीं तालाब की साफ सफाई पर नगर प्रशासन को कोई सरोकार नहीं है। नगर के तालाबों की दुर्दशा के लिए लोग नगर प्रशासन को ही जिम्मेदार ठहरा रहें है। ऐसा ही कुछ दिन और चला तो बंधवा निस्तारी के काम भी नहीं आएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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