जांजगीर-चांपा । इस बार हसदेव बांगो परियोजना के नहर में ग्रीष्म कालीन ध्ाान के लिए किसानों को पानी नहीं मिलेगा। इसके लिए किसानों को लिखकर देना होगा कि वे रबी में ध्ाान की खेती नहीं करेंगे, अन्य पुसल लेंगे। जितने किसान लिखकर देंगे उसी आध्ाार पर दलहन और तिलहन पुसल के लिए पानी दिया जाएगा। बांगो बांध्ा से पानी छोड़ा गया है जो अकलतरा की ओर जा रहा है। जांजगीर -चांपा के बीच नहर पुल के चौड़ी करण के कारण अभी इध्ार पानी नहीं आ रहा है।

बांगो बांध्ा से नहर में पानी तो छोड़ दिया गया है। मगर इस बार ग्रीष्मकालीन ध्ाान के लिए किसानों को पानी नहीं मिलेगा। किसानों को यह लिखकर देना होगा कि वे रबी पुसल में ध्ाान के अलावा कोई भी अन्य पुसल लेंगे। उसी आध्ाार पर पानी की मात्रा बढ़ाई या घ्ाटाई जा सकेगी।

अभी अकलतरा की ओर बांध्ा का पानी जा रहा है। मगर नवागढ़ की ओर नहर में पानी नहीं छोड़ा गया है क्योंकि जांजगीर - चांपा के बीच नहर पुल के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। इध्ार अब सिंचाई विभाग के कर्मचारी किसानों से लिखित में लेने के लिए उनके पास पहुंचेंगे कि वे रबी पुसल में ध्ाान की खेती नहीं करेंगे। जितने किसान लिखकर देंगे उनके रकबा के आध्ाार पर ही उस पुसल की आवश्यकता के अनुरूप

Posted By: Yogeshwar Sharma

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