जांजगीर-चांपा (नईदुनिया न्यूज)। जिले में कोरोना के दूसरी लहर के दौरान अप्रैल महीने में संक्रमित मरीजों की संख्या सबसे अधिक थी। इस दौरान बढ़ती संख्या के कारण अस्पतालों में बेड की कमी हो गई थी। मरीजों को बेड के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही थी। हजारों रूपए खर्च करने और एप्रोच के बाद भी बेड नहीं मिल रहे थे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने होम आइेसोलेशन के लिए गाइड लाइन जारी किया और मरीजों को उस गाइड लाइन का पालन करते हुए होम आइसोलेशन में रहने की छूट दी गई। यही वजह है कि तीसरी लहर में जिला अस्पताल में बनाए गए ईसीटीसी, कोविड केयर सेंटर और निजी अस्पतालों के बेड खाली है। वर्तमान में जिले में 969 मरीज एक्टिव हैं जिसमें से मात्र 30 मरीज उपचार के लिए जिला अस्पताल के ईसीटीसी में भर्ती हैं जबकि 938 संक्रमित होम आइसोलेशन में रहकर इलाज करा रहे हैं। गंभीर मरीजों को ही इलाज के लिए कोविड अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है। ऐसे में कोविड अस्पताल के बेड खाली पड़े हैं।

कोरोना संक्रमण दूसरी लहर अप्रैल के महीने में कहर बनकर आया। इस महीने हर रोज कोरोना के नए मरीजों की संख्या बेतहाशा बढती गई। अस्पतालों में बिस्तरों के लिए लोग च-र काटने लगे। एक दिन में जहां 7 से 8 सौ संक्रमित मिल रहे थे वहीं औसतन दर्जनभर मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो रही थी। साल 2021 के शुरुआती महीने जनवरी-फरवरी में कोरोना के मरीज लगातार कम हो रहे थे। मार्च आते ही एक बार फिर कोरोना ने कोहराम मचाना शुरू कर दिया। अप्रैल आते-आते रोजाना 8 से ज्यादा मरीज मिलने लगे। कोरोना संक्रमण के बढ़ती संख्या के मामले में जिला प्रदेश में दूसरे नंबर पर पहुंचा गया और मौत के मामलों पर तीसरे नंबर पर रहा। अप्रैल महीने में बढ़ती संख्या के कारण अस्पतालों में बेड की कमी सामने आने लगी थी। इस दौरान बढ़ती संख्या के कारण अस्पतालों में बेड की कमी हो गई थी। मरीजों को बेड के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ रही थी। हजारों रूपए खर्च करने और एप्रोच के बाद भी अस्पताल और कोविड सेंटरों में बेड नहीं मिल रहे थे। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने होम आइेसोलेशन के लिए गाइड लाइन जारी किया और मरीजों को उस गाइड लाइन का पालन करते हुए होम आइसोलेशन में रहने की छूट दी गई। यही वजह है कि तीसरी लहर में जिला अस्पताल में बनाए गए ईसीटीसी, कोविड केयर सेंटर और निजी अस्पतालों के बेड खाली है। वर्तमान में जिले में 969 मरीज एक्टिव हैं जिसमें से मात्र 30 मरीज उपचार के लिए जिला अस्पताल के ईसीटीसी में भर्ती हैं जबकि 938 संक्रमित होम आइसोलेशन में रहकर इलाज करा रहे हैं। इससे वे ठीक भी हो रहे हैं।

कोविड अस्पताल में 49 बेड खाली

ज्यादातर मरीज होम आइसोलेशन में हैं। गंभीर मरीजों को ही इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है। ऐसे में कोविड अस्पताल के बेड खाली पड़े हैं। जिला अस्पताल में कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए 80 बेड का कोविड अस्पताल बनाया गया है। जिसमें से 27 आईसीयू बेड और 53 आक्सीजन बेड की सुविधा है। यहां वर्तमान में आईसीयू में एक मरीज भर्ती है जबकि 26 बेड खाली है। इसी प्रकार आक्सीजन के 53 में से 30 में मरीजों का इलाज चल रहा है जबकि 23 बेड रिक्त है। इस तरह यहां आईसीयू और आक्सीजन के 49 बेड खाली है।

कोविड केयर सेंटरों के सभी 1360 बेड रिक्त

जिले में कोविड संक्रमितों के उपचार के लिए जिला प्रशासन द्वारा 16 कोविड केयर सेंटर बनाए गए हैं। इन सेंटरों में कोविड मरीजों के उपचार के लिए 1360 बेड की व्यवस्था की गई है। यहां 739 सामान्य और 621 बेड आक्सीजन युक्त है। इन कोविड केयर सेंटरों के सभी बेड खाली है। इसके अलावा 13 निजी चिकित्सालयों में 281 बेड की व्यवस्था की गई है। जिसमें से सभी 281 बेड रिक्त है।

मिले 255 संक्रमित, संक्रमण दर 10 प्रतिशत पार

जिले में लगातार संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है। जिले में मंगलवार को एक ही दिन में 255 संक्रमित मिले हैं। जबकि सोमवार को 207 लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आई थी। इसके साथ ही एक्टिव मरीजों की संख्या भी 172 तक पहुंच गई है। जबकि कुल जांच में संक्रमण का प्रतिशत भी बढ़कर 10.08 हो गया है। कोरोना का संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बार डाक्टर, पुलिस और राजस्व अधिकारी सहित कोरोना वारियर्स ही शुरूआती दौर में कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। वहीं सरकारी कार्यालयों के अधिकारी कर्मचारी भी संक्रमण के शिकार हो रहे हैं।

कोरोना से बचने सावधानी आवश्यक

कलेक्टर जितेन्द्र कुमार शुक्ला ने कहाकि सबसे पहले तो इतनी सावधानी बरतनी चाहिए कि कोरोना हो ही नहीं। प्रत्येक व्यक्ति को सचेत रहकर निजी सावधानी बरतनी आवश्यक है। नाक, मुंह ढंककर रखें। फेस मास्क को सही ढंग से लगाएं। साबुन, पानी से हाथ धोते रहें। भीड़ वाली जगह से बचें। फिजिकल डिस्टेंसिंग रखकर ही किसी से मेल-मुलाकात करें। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सार्वजनिक प्रतिबंधात्मक उपाय किए जा रहें हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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