जांजगीर-चांपा । जिला मुख्यालय जांजगीर, चांपा से लेकर मालखरौदा, डभरा तक के सड़कों की हालत बदतर है। इसी तरह बलौदा से नैला जांजगीर सड़क की हालत खस्ता हो गई है। सड़क में जगह जगह जानलेवा गड्ढे हो गए है, जिसके कारण इस मार्ग में आवागमन करने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग में जावलपुर, जर्वे, सिवनी, कन्हाईबंद, रेलवे अंडरब्रिज सभी जगह पर सड़क बड़े बड़े गड्ढों में तब्दील हो गए हैं। गड्ढों की मरम्मत करने के बजाय विभाग के द्वारा उसमें गिट्टी मुरूम डालकर खानापूर्ति कर दी गई है। वर्षा होने और वाहनों के चलने से गिट्टी चार दिन में उखड़कर सड़क पर बिखर गए हैं और मुरूम का पता नहीं है।

जिले की सड़कें अत्यंत जर्जर हो गई हैं। जिला मुख्यालय जांजगीर के चांपा मार्ग में सड़क पूरी तरह से गायब हो गई है। मार्ग में जगह जगह गड्ढे हो गए हैं। बाइक और छोटे वाहन चालकों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बाइक चालक यहां पर गिरकर दुर्घटना के शिकार हो गए हैं। वहीं भारी वाहनों के चलने से गड्ढा और बढ़ता ही जा रहा है। गड्ढा पोखर में तब्दील हो गया है। जांजगीर से लेकर चांपा, बलौदा, मालखरौदा डभरा के अंतिम छोर तक के मार्ग में जगह जगह जानलेवा गड्ढे हो गए हैं। जिसके चलते वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खासकर छोटे चार पहिया वाहन कार, आटो और बाइक सवार जान जोखिम में डालकर सफ़र करते हैं। गड्ढों की वजह से वाहन के पलटने का डर बना रहता है। प्रभारी सचिव और कलेक्टर के निर्देश के बाद भी जर्जर सड़क की मरम्मत करने विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शायद विभाग को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार है। इस मार्ग में कोलवाशरी की बड़ी बड़ी गाड़ियां चलती है। ये गाड़ियां कोयला लेकर नैला रेलवे साइडिंग आती जाती है। इस गाड़ियों की आवाजाही से लोग परेशान तो है ही ऊपर से इस मार्ग में जगह जगह पर बने गड्ढे ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी हैं। इन गड्ढे से आए दिन लोग दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। इन मार्गों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का जिला मुख्यालय आना जाना लगा रहता है। सड़क की खस्ता हाल से लोगों में भारी आक्रोश है।

बलौदा - जांजगीर मार्ग भी जर्जर

जांजगीर - बलौदा मार्ग कोलवाशरी के वाहन चलने से जर्जर हो चुका है। सड़कें गड्ढे में तब्दील हो गई है। जर्वे के पास स्थित हसदेव नहर पर बना पुल काफी जर्जर हो गया है। इस पुल के एक तरफ़ के हिस्से का आधा रेलिंग भी टूट चुका है। वहीं बरसात के दिनों में नहर में पानी भी पाटोपाट बह रही है। ऐसे में यदि कोई वाहन चालक पुल को पार करने के दौरान नहर में गिर गया तो उसकी जान पर आ सकती है। नहर पुल की मरम्मत के तरफ़ न तो विभाग द्वारा कोई ध्यान दिया जा रहा है और न ही प्रशासन कोई पहल कर रही है। नहर पुल के पास बिजली की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में रात में अंधेरा होने पर नहर पुल को पार करना और दुस्कर हो जाता है साथ ही हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।

कलेक्टर के निर्देश का भी नहीं असर

जर्जर सड़कों और पुल पुलियों की मरम्मत करने के निर्देश कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए थे। मगर संबंधित विभाग के अधिकारियों को कलेक्टर का निर्देश कोई मायने नहीं रखता है। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने अधिकारियों की बैठक लेकर 10 अगस्त से जर्जर सड़कों और पुल पुलियों की मरम्मत के निर्देश दिए थे मगर अब तक लोक निर्माण विभाग, एनएच के द्वारा सड़कों की मरम्मत करना तो दूर गड्ढों तक को नहीं भरा गया है। इसके चलते लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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