हसौद ।(नईदुनिया न्यूज)। शरद पूर्णिमा पर गुरु घासिदास संगीत महाविद्यालय हसौद का 25वां वार्षिकोत्सव संगीत मय वातावरण में मनाया गया । संगीत की देवी माँ सरस्वती, संत सिरोमणी गुरु घासी दास बाबा, गुरुदेव एमबी रोकडे की पूजा के बाद कार्यक्रम शुरू हुआ। विद्यालय के विद्यार्थियां व्दारा सरस्वती वन्दना ,गुरु वन्दना राग यमन रूपक एवं तीन ताल पर प्रस्तुत किया गया। प्रवीण तिवारी बिर्रा राग यमन में बडा ख्याल, छोटा ख्याल, तराना तथा मुकेश कश्यप एवं पवन कश्यप द्वारा राग शुद्घ सारंग में मनमोहक गायन प्रस्तुत किया गया। बाल कलाकार दिब्यांश कश्यप खैरागढ़ राग बागेश्री में बडा ख्याल, छोटा ख्याल से श्रोताओ को आनंदित कर दिया। सोमा बरेठ खैरागढ़ का कथक नृत्य मनमोहक रहा। अन्तर्राष्तीय ख्याति प्राप्त तबला मास्टर यशवंत वैष्णव मुंबई ने तीन ताल में सोलो वादन प्रस्तुत किया। जिसमें पेशकार, विभिन्ना घरानो के उस्तादी कायदे, रेला, परन, टुकडे ,च-र दार बजा कर समा बांधा। इसके साथ युगल तबला वादक के रूप में कौस्तुभभाग्यवान्त मुंबई ने साथ दिया। हारमोनियम में लहरा ईश्वर दास महंत खैरागढ ने दिया। इंदिरा कला संगीत विश्व विद्यालय खैरागढ़ के सहायक प्राध्यापक डॉक्टर दिवाकर कश्यप, डॉक्टर प्रभाकर कश्यप द्वारा राग बैरागी में मन सुमिरत निस दिन तुम्हरो नाम तीन ताल में तथा दुसरी बन्दिश तुम दाता द्रुत एक ताल में अपनी बनारसी गायकी प्रस्तुत की। तबला संगत यशवंत वैष्णव तथा हारमोनियम संगत किशन प्रकाशने किया। इस कार्यक्रम के अतिथि अम्बिका रोकडे , मनबोध साहू, सुरेन्द्र भार्गव, कमल भार्गव, हेम चरण साहू, वीरेंद्र तिवारी, गिताराम तिवारी, हरि राम जायसवाल, मनोज तिवारी, एचएल भारती, एसपी द्विवेदी, डीआर मनहर, डाक्टर जगदेव, डॉक्टर आरके दिवाकर, परमानंद जांगड़े, असीम बिहारी सक्सेना उपस्थित थे। सरगम संगीत शिक्षण समिति के अध्यक्ष आर के सोनवानी एवं केआर कश्यप ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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