कोसमंदा (नईदुनिया न्यूज)। जिला शिक्षा अधिकारी व कलेक्टर से शिकायत के बाद भी प्राचार्य व शिक्षकों के खिलापᆬ कार्रवाई नहीं होने से उनके हौसले बुलंद हैं। जबकि कलेक्टर के निर्देश पर डीईओ ने दो सदस्यीय जांच टीम भी दिसंबर 2021 में बनाई थी। मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बलौदा ब्लाक के शासकीय उधात्तर माध्यमिक विद्यालय कोसमन्दा के छात्रों से पालकों, जनप्रतिनिधियों व शाला विकास एवं प्रबंध समिति को लगातार शिकायत मिल रही थी कि शिक्षक विद्यालय नही आते यदि आ भी जाएं तो कार्यालय में बैठकर टाइम पास कर चले जाते हैं। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिकायत पर 24 अगस्त को पालकगण, जनप्रतिनिधि व शाला विकास समिति के सदस्यों ने एक साथ शासकीय उधातर माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई प्रकार की खामियां देखने को मिली।17 शिक्षकों में से 12 शिक्षक ही विद्यालय में उपस्थित थे। इसमें से 4 शिक्षक ही समय पर स्कूल पहुंचे थे बाकी 9 शिक्षक देरी से स्कूल पहुंचे थे। अनुपस्थिति 5 शिक्षकों में से केवल 1 ही शिक्षक का ही आवेदन स्कूल में मिला। शेष 4 शिक्षक बिना सूचना के अनुपस्थित थे। कृषि स्थाई सभापति व जनपद सदस्य संजय रत्नाकर ने कलेक्टर से इसकी शिकायत की। जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के लिए शासकीय उधा.माध्यमिक विद्यालय सिवनी व शासकीय कन्या उधा.माध्यमिक विद्यालय चाम्पा के प्राचार्य की जांच टीम गठित की अैर तीन दिवस के भीतर जांचकर प्रतिवेदन देने को कहा गया। मगर अब तक इस मामले की जांच नहीं हुई है। शिकायत कर्ता संजय रत्नाकर ने बताया कि माह भर बीत जाने के बाद भी जांच टीम नहीं पहुंच पाई है।

छात्रों से अधिक पᆬीस लेने का आरोप

राज्य सरकार के आदेशानुसार 12 वीं तक के सभी छात्रों के लिए पᆬीस का निर्धारण स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया गया है मगर यहां विद्यार्थियों से 8 से 9 सौ रूपए लिया जाता है। जिसमं 4 सौ रूपए परीक्षा शुल्क व 4 से साढ़े 4 सौ रूपए जनभागीदारी शुल्क के रूप में लिया जा रहा है। जबकि इस संबंध में जनभागीदारी समिति को कोई जानकारी नहीं है। पिछले वर्ष भी इसी तरह से प्रति छात्रों से अधिक पᆬीस ली गई थी। शिकायत होने पर कुछ छात्रों की फीस वापस लौटाई गई थी।

शिक्षक उपस्थिति रजिस्टर प्राचार्य के पास

आमतौर पर शिक्षक उपस्थिति रजिस्टर स्कूल में या क्लर्क के पास रहता जिस पर स्कूल पहुंचते ही शिक्षक अपना हस्ताक्षर कर अध्यापन के लिए कक्ष में जाते हैं। पर यहां रजिस्टर प्राचार्य के पास रहता है। जब इस संबंध में शिक्षकों से पूछा गया कि प्राचार्य की अनुपस्थिति में आप लोग कैसे हस्ताक्षर करते होंगे इसका जवाब कोई शिक्षक नहीं दे पाए।

Posted By: Nai Dunia News Network

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