सिवनी-चांपा। नईदुनिया न्यूज। जिंदगी में काम करते रहेंगे तो भगवान की दुआएं व उनकी कृपा हम पर बनी रहेंगी, आनंद की अनुभूति जीवन से मिलेगी उक्त बातें शैक्षिक समन्वयक अशोक तिवारी ने बालक प्राथमिक शाला सिवनी के जर्जर भवन के मरम्मत पश्चात नए भवन में बधाों के प्रवेश करने के अवसर पर कही। उन्होंने कहा कि यह भवन विगत 8 वर्षो से जर्जर पढ़ा हुआ था। जिसको किसी ने मरम्मत नहीं करवाया। तब गांव के पूर्व उपसरपंच चंद्र कुमार राठौर ने जीर्ण शीर्ण हालत में पड़े विद्यालय के कई हिस्सों को स्वयं के खर्च से मरम्मत कराना प्रारंभ किया और फिर अशोक तिवारी,नरेश देवांगन,सजय अवस्थ,यशवंत देवांगन, घनश्याम शुक्ला,महादेव तेली,पुष्पा राठोर,देवेंद्र सिंह रामकुमारी खुटे ने आर्थिक सहयोग से जर्जर े विद्यालय भवन की मरम्मत में योगदान दिया। जिसकी कुल लागत 17 हजार रुपए आई। चंद्र कुमार राठौर ने कहा कि आदमी को समस्या का समाधान एवं सेवा करने में सदैव तत्पर रहना चाहिए। जब कोई नेक काम किसी के हाथों से होता है तो बडी प्रसन्नाता होती है। उन्होंने स्कूल परिसर में अनुपयोगी कक्ष को भविष्य में पुनः जन सहयोग से मरम्मत कराने की बात कही।

बधाों के खिल उठे चेहरे

जनसहयोग से विद्यालय के भवन की मरम्मत हुई। आज नए कक्ष में पहुंचकर बच्चे खुश दिखे। उन्होंने ग्रामीण व शिक्षकों को धन्यवाद दिया।