जांजगीर-चाम्पा। नईदुनिया प्रतिनिधि। मेला देखने के लिए जा रही युवती के चचेरे भाई व भतीजे के साथ अज्ञात चार आरोपियों ने मारपीट कर उन्हें भगा दिया। साथ ही एक आरोपी द्वारा युवती को नदी की ओर ले जाकर उसके साथ अनाचार किया। वारदात के आद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार जैजैपुर थाना क्षेत्र निवासी प्रार्थिया 10 जनवरी की रात लगभग 11 बजे अपने चचेरी बहन व भाई के साथ सक्ती में आयोजित मेला जा रही थी, मगर रास्ते में अधिक ठण्ड लगने के कारण वे चोरिया में रूकने की बात कही। ऐसे में प्रार्थिया मोबाइल से कॉल कर अपने भतीजे को बुलाया। कुछ देर बाद पीड़िता का भतीजा अपने भाई व दोस्त के साथ पहुंचा। इसी दौरान मौके पर अज्ञात चार लोग पहुंचे और उसके भाई व भतीजे के साथ मारपीट कर उसे मौके से भगा दिया। इसी दौरान आरोपियों द्वारा पीड़िता को पकड़कर सोन नदी की ओर जाने लगे। ऐसे में उसके भाई व भतीजे ने उसे बचाने का प्रयास किया, मगर उनमें से एक युवक संतराम उरांव ने उसके भतीजे को डंडा से मारा और उसे दूर भगा दिया। कुछ देर बाद उनमें से एक युवक मनीष पीड़िता को नदी किनारे ले गया। यहां मनीष पीड़िता के साथ बलात्कार करने लगा, उसी समय उनमें से एक आरोपी लाठी लेकर उसे डरा रहा था और दो अन्य लड़के मोबाइल से विडियो बना रहे थे। वारदात के बाद पीड़िता अपने भाई व भतीजे के साथ थाना पहुंची और इसकी शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने प्रार्थिया की रिपोर्ट पर आरोपी चोरिया निवासी मनीष कुमार उरांव (19) पिता अगहन राम उरांव, संतराम उरांव (28) पिता मूरित राम उरांव, चितरंजन उरांव (19) पिता किरित राम उरांव व एक अन्य युवक के खिलापᆬ भादवि की धारा 34, 376 के तहत जुर्म दर्ज कर विवेचना में लिया। पुलिस ने आज आरोपी मनीष कुमार, संतराम व चितरंजन उरांव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया, जबकि एक अन्य पᆬरार आरोपी की तलाश जारी है। इस संबंध में सारागांव थाना प्रभारी चुन्नू तिग्गा का कहना है कि पीड़िता के बयान व डॉक्टरी रिपोर्ट के आधार पर चार आरोपियों के खिलापᆬ दुष्कर्म का जुर्म दर्ज किया है। पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपियों के मोबाइल को साइबर सेल भेजा गया है। विडियो की पुष्टि होने के बाद आईटी एक्ट के तहत और भी जुर्म दर्ज किया जाएगा। बहरहाल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, शीघ्र ही एक अन्य पᆬरार आरोपी की गिफ्तारी की जाएगी।

एपᆬआईआर के लिए रूपये मांगने का आरोप

पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद जब अपने भाई के साथ थाने पहुंची तो उससे रिपोर्ट दर्ज करने के एवज में चार हजार रूपये लिया गया, जबकि उसके दोस्त से भी 5 हजार रूपये पुलिस द्वारा लिए जाने का आरोप उसने लगाया गया। एक ओर महिला सुरक्षा की बात की जाती है, दूसरी ओर पुलिस पर ऐसे संगीन मामलों में एपᆬआईआर के लिए रूपये लेने का आरोप लग रहे हैं, यह गंभीर है।

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