बगीचा(नईदुनिया न्यूज)। बगीचा में आयोजित जनजातीय सुरक्षा मंच की रैली में पूर्व मंत्री गणेश राम भगत ने कांग्रेस पर सीधा हमला करते हुए किसी भी स्थिति में लोकतंत्र की रक्षा करने का संकल्प दोहराया है। उन्होनें जिले में उद्योगों के आने की आहट से जिले के पठारी क्षेत्र में चल रहे आदिवासी और पहाड़ी कोरवाओं की जमीनों की खरीद फरोख्त पर भी नराजगी जाहिर किया है। इस रैली में शामिल होने के लिए जिले भर से बड़ी संख्या में लोग बगीचा पहुंचें थे। पुरूष और महिलाएं हाथों में डंडा लेकर सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करते दिखे।रैली का नेतृत्व जनजातीय सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मंत्री गणेश राम भगत ने किया। रैली हाईस्कूल चौक से मुख्य मार्ग से होते हुए बस स्टैंड बाजारडांड पहुंच कर आमसभा में परिवर्तित हो गई। पूर्व मंत्री गणेश राम भगत ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि जिले में जमीनों के दलाल सक्रिय हैं जिनपर अंकुश लगाने की आवश्यकता है। सरकार को घेरते हुए पूर्व मंत्री गणेश राम भगत ने कहा कि सरकार के मंत्री कुर्सी दौड़ में और कार्यकर्ता मंच में आपस में लड़ने में व्यस्त हो,ऐसी सरकार और पार्टी से जनहित और विकास की उम्मीद करना बेकार है। ऐसी नाकारा सरकार को अब बदलना पड़ेगा।जिले के पत्रकार स्वतंत्र होकर सच को सामने लाने का काम कर रहे हैं।उनके खिलाफ सरकार के नुमाइंदे एफआईआर दर्ज करा रहे हैं। गणेश राम भगत ने साफ शब्दों में कहा कि यहां के पत्रकारों को डरने की जरुरत नहीं है,हर लड़ाई में जनजातीय सुरक्षा मंच जिले के पत्रकारों के साथ है।उन्होंने पत्रकारों से अपील की है कि पत्रकार लगातार जिले के मुद्दों को समस्याओं को बेखौफ़ होकर सामने लाने का कार्य सतत करते रहें। पूर्व मंत्री ने अनाप शनाप बिजली बिल को लेकर सरकार को घेरा और कहा कि जो भी ग्रामीणों को बिजली बिल दिया जा रहा है उसकी जांच करके विधिवत बिल दें।हजारों लाखों का बिजली बिल देकर ग्रामीणों को परेशान किया जा रहा है।उन्होंने बताया कि यहां के ग्रामीणों के सामने बिजली बिल का भुगतान बड़ी समस्या है।अचानक अंधाधुंध बिजली बिल वसूलकर गरीब जनता का शोषण करना ठीक नहीं।

स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार पर निशाना

बीते दिनों जशपुर के जिला अस्पताल में 12 करोड़ के बंदरबाट मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है जिसको लेकर पूर्व मंत्री गणेश राम भगत ने कहा कि भ्रष्टाचारियों को सरकार का संरक्षण प्राप्त है जिसके कारण अब तक उनपर कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं दिव्यांगों से दुष्कर्म मामले में अब तक विभागीय अधिकारी पर एफआईआर नहीं हुआ है जिसको लेकर उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों को संरक्षण देकर शासन प्रशासन अपनी गलत मानसिकता का परिचय दे रहे हैं।तत्काल उक्त मामलों पर शासन प्रशासन कार्रवाई करे अन्यथा बड़ा आंदोलन होगा नयुराम भगत ने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा फैक्ट्री,खदानों से डरे और सहमे हुए ग्रामीण इन दिनों जशपुर जिले में लौह उद्योग,फैक्ट्री व बाक्साइड खदान को लेकर पूरे जशपुर जिले में दहशत का माहौल है। गांव उजड़ेंगे,खेत खलिहान उजड़ जाएंगे, आज हम सबके एकजुट होकर विरोध के स्वर को तेज करने की आवश्यकता है। जनसभा को श्रवण चौहान और जनजातिय सुरक्षा मंच के उपाध्यक्ष चंद्रदेव ग्वाला ने भी संबोधित किया। मंच के हितरक्षा प्रमुख रामप्रकाश पांडेय ने प्रदेश की सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पूंजीपति सरकारी पट्टे की जमीन औने पौने दाम पर खरीद रहे हैं।उन्होंने पाठ क्षेत्र के पहाड़ी कोरवाओं की सैंकड़ों एकड़ जमीन की फर्जी रजिस्ट्री की बात कही।उन्होंने जनजातीय सुरक्षा मंच के आंदोलन के माध्यम से मंत्री अमरजीत भगत के बेटे द्वारा खरीदे गए जमीन को वापस दिलाए जाने का उदाहरण दिया। जिले के सरपंच, विधायक,सांसद सभी आदिवासी हैं और यहां आदिवासी हितों की रक्षा के लिए पेशा कानून का क्रियान्वयन शासन प्रशासन को करना चाहिए।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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