जांजगीर-चांपा (नईदुनिया न्यूज)। छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधीश अरूप कुमार गोस्वामी रजिस्ट्रार जनरल अरविंद कुमार वर्मा के साथ जिला न्यायालय पहुंचे। यहां उन्होंने अधिवक्ता की बैठक ली। उन्होंने अधिवक्ताओं को पक्षकारों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए तत्पर रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि बार और बेंच के बीच आपसी समन्वय बढ़ाकर न्यायदान के लिए हमेशा सजग रहे। उन्होंने कहा कि दोनों के बीच आपसी विश्वास बढ़ेगा तो न्याय की प्रक्रिया भी मजबूत होगी। उन्होंने अपने विधि व्यवसाय के शुरूवाती दिनों को याद किया और युवा अधिवक्ताओं को परिश्रम और इमानदारी के साथ कार्य करनेको कहा। उन्होंने अपना उद्बोधन अंग्रेजी में दिया। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नरेश शर्मा ने बार रूम और एक सिविल जज द्वितीय श्रेणी के न्यायालय की मांग की। इसके अलावा मध्यस्थता के लिए कार्यशाला आयोजित कराने की भी मांग रखी। चीफ जस्टिस गोस्वामी ने उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। कार्यक्रम को वरिष्ठ अधिवक्ता अजय केशरवानी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता कमलेश मिश्रा ने किया। चीफ जस्टिस ने न्यायालय परिसर व अधिवक्ताओं के बैठने की जगह का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिवक्ताओं से चर्चा भी की। इसके पूर्व न्यायालय परिसर पहुंचने पर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नरेश शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता कमलेश सिंह व सचिव सूरज गोस्वामी ने बुके भेट कर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता रामनरेश उपाध्याय, दुष्यंत कुमार सिंह, रेवती रमन तिवारी, गणेश गुजराल, विजय लक्ष्मी सोनी, सुमन यदु, इंद्रजीत राठौर, अनिल राठौर, नंदकुमार यादव व अन्य लोग उपस्थित थे। अधिवक्ताओं के साथ बैठक के बाद चीफ जस्टिस और रजिस्ट्रार जनरल ने न्यायाधीशों के साथ बैठक ली।

Posted By: Nai Dunia News Network

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