जांजगीर-शिवरीनारायण (नईदुनिया प्रतिनिधि)। जिले में कोराना काल के दो साल बाद आज रथयात्रा धूमधाम से निकाली गई। जिले के चांपा, शिवरीनारायण, नरियरा सहित अनेक स्थानों पर गुरूवार को रथयात्रा निकाली गई। रथ को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। एकादशी को भगवान जगन्नााथ, बहन सुभद्रा और भाई बलराम को महास्नान कराया गया था। इसके बाद भगवान बीमार हो गए थे। स्वस्थ होने के बाद भगवान भक्तों को दर्शन देने के लिए रथ पर सवार होकर निकले। शिवरीनारायण मठ मंदिर परिसर से बाजे-गाजे के साथ रथ यात्रा निकाली। भगवान जगन्नााथ, बलभद्र और सुभद्रा का रथ खींचने व रथ यात्रा देखने श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान के जयघोष के साथ रथ जनकपुर पहुंचा।

रथयात्रा के लिए मठ मंदिर में सुबह से ही गहमा-गहमी थी। शाम लगभग 4 बजे मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद भगवान जगन्नााथ, बलभद्र और सुभद्रा को रथ में बैठाया गया। इस बीच साधु-संतों ने घंटा व शंख ध्वनि के साथ भगवान का जयघोष किया और बाजे-गाजे के साथ रथयात्रा शुरु हुई। भगवान का रथ खींचने व उनकी एक झलक पाने श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग रथ खींचने के लिए स्वस्पर्ᆬूत आगे आ रहे थे। रथयात्रा शिवरीनाराण के मुख्य मार्ग व सदर बाजार होते हुए जनकपुर पहुंची। इस दौरान श्रद्घालुओं ने जगह-जगह भगवान की पूजा अर्चना कर नारियल, गजामूंग आदि का भोग लगाया और मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। श्रद्घालुओं को रथ में बैठे पुरोहितों ने मूंग का प्रसाद वितरण किया। रथ के जनकपुर पहुंचते ही वहां मठ मंदिर के मुख्तियार सुखरामदास, पुजारी त्यागी महराज सहित साधु संतो ने भगवान को रथ से उतारकर जनकपुर मंदिर के आसन में बिठाया और पूजा अर्चना की। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्घालु उपस्थित थे। रथयात्रा देखने तेंदुवा, तुस्मा, खरौद, देवरी, खोरसी, तनौद, कटौद, खैरताल, मुड़पार, केसला, कनस्दा, कुरियारी, गिधौरी, हसुआ, बलौदा सहित अन्य गांव के लोग बड़ी संख्या में पहुंचे थे। इसके अलावा जिला मुख्यालय जांजगीर में विष्णु मंदिर के पास से व नैला से रथ यात्रा निकली और नगर भ्रमण किया। नरियरा, भठली सहित अन्य गांवों में रथ यात्रा निकाली गई।

नौ दिनों बाद होगी वापसी

भगवान जगन्नााथ, बलभद्र व सुभद्रा आज जनकपुर पहुंचे। नौ दिनों तक मौसी के घर विश्राम करने के बाद वे विजयादशमी के दिन मंदिर लौटेंगे। इस बीच इनकी पूजा-अर्चना जनकपुर में रोज होगी।

बधाों ने भी निकाला रथ

जिले के विभिन्ना स्थानों में बधाों ने भी छोटा रथ निकाला। सुबह से ही बधो भगवान जगन्नााथ, बलभद्र व सुभद्रा को रथ में बिठाकर विभिन्ना मोहल्लों का भ्रमण कराया। बड़े रथ के साथ श्रद्घालुओं ने बधाों के रथ का भी दर्शन किया।

मठ मंदिर और पाढ़ीघाट से निकले महाप्रभु

चांपा (नईदुनिया न्यूज)। नगर के बड़े मठ व पाढ़ी घाट से रथयात्रा निकाली गई, जो राजापारा, कदम चौक, बस्ती, देवांगन मोहल्ला होते हुए सम्लेश्वरी मंदिर के पास पहुंची। हरि बोल के जयकारे के साथ भगवान जगन्नााथ, बलभद्र और सुभद्रा को उतारा गया और सम्लेश्वरी मंदिर में पूजा अर्चना कर उन्हें आसन पर बैठाया गया। नगर व आसपास के गांवों के श्रद्घालुओं ने जगह-जगह रथ में आरूढ़ भगवान की पूजा की व गजा मूंग, तुलसी, नारियल, मालपुआ का भोग लगाया। इसी तरह चांपा के पाढ़ीघाट से शाम भगवान जगन्नाथ बलभद्र और सुभद्रा की पूजा अर्चना कर बाजे-गाजे के साथ रथयात्रा निकाली गई, जो सदर बाजार, कदम चौक, सोनारपारा, राजापारा होते हुए नारायण सोनी के घर पहुंची और वहां तीनों मूर्तियों को विश्राम के लिए रथ से उतारा गया। रथयात्रा को लेकर चांपा में मालपुए की बिक्री खूब हुई। भगवान को भोग लगाने के लिए श्रद्घालुओं ने मालपुआ खरीदा। नगर के बेरियर चौक, सुभाष चौक, पुराना नगर पालिका, बजरंग टाकीज परिसर, डोंगाघाट चौक, सदर बाजार रायगढ़िया होटल, मंझली तालाब, बरपाली चौक, स्टेशन सहित कई स्थानों में मालपुआ की दुकाने लगी थी। इस बार मालपुआ 100 से 120 रूपए प्रति किलो तक बिका। शाम को मौसम के मेहरबान होने व बारिश नहीं होने के कारण मालपुआ की अच्छी पूछपरख रही। लोग लाईन लगाकर मालपुआ खरीद रहे थे। नगर के पुराने होटल में रायगढ़ होटल के संचालक कल्लू शर्मा ने बताया कि पहले की अपेक्षा मालपुआ के खरीददारों की संख्या अधिक थी। उन्होंने बताया कि यहां से ही भगवान जगन्नाथ को भोग लगाने के लिए माल पुआ ले जाने की पुरानी परंपरा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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