जांजगीर-चांपा। ग्राम पंचायत सकरेली बा के सरपंच ममता खूंटे के विरुद्ध लाया गया अविश्वास प्रस्ताव आज पारित हो गया और सरपंच की कुर्सी जाती रही। 21 सदस्यीय पंचायत में 19 सदस्यों ने मतदान किया। इनमें से 18 वोट सरपंच के खिलापु पड़े, जबकि एक वोट निरस्त हो गया और दो पंचों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।

सक्ती जिले के ग्राम पंचायत सकरेली बा की सरपंच ममता खूंटे के खिलापु पंचों ने अविश्वास प्रस्ताव की सूचना दी थी। पंचों ने उनपर 15 वें वित्त आयोग की राशि का दुरूपयोग करने, सरकारी भूमि पर बेजाकब्जा कर मकान बनाने, पंचों को साथ में लेकर नहीं चलने सहित कई आरोप लगाए थे। अविश्वास प्रस्ताव की सूचना पर एसडीएम रेना जमील ने गुरूवार 6 अक्टूबर को सम्मिलन बुलाया और इसके लिए बाराद्वार तहसीलदार विष्णु पैकरा को पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया। गुरूवार को दोपहर 12 बजे से ग्राम के अटल समरसता भवन में पीठासीन अधिकारी ने सम्मिलन की कार्रवाई शुरू की। सबसे पहले सभी पंचों की उपस्थिति दर्ज की गई। इस दौरान सरपंच सहित 19 पंच उपस्थित थे। जबकि दो पंच अनुपस्थित थे। सरपंच के खिलापु पहले अविश्वास प्रस्ताव पढ़ा गया पिुर उसे अपने पक्ष में बोलने का मौका दिया गया। इसके बाद मतदान हुआ। इसमें सरपंच और 18 पंचों ने मतदान किया फिर वोटो की गिनती हुई तो अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 18 वोट पड़े। जबकि एक वोट निरस्त हो गया। इस तरह अविश्वास प्रस्ताव में सरपंच के खिलापु एक तरपुा मत पड़ने से उसकी कुर्सी जाती रही। पीठासीन अधिकारी ने अविश्वास प्रस्ताव पारित होने की घोषणा की। इस दौरान पीठासीन अध्ािकारी के साथ गौरिशंकर चौधरी ,राज कुमार रात्रे बतौर सहयोगी उपस्थित थे। जबकि कार्रवाई में उपसरपंच रामेश्वर प्रसाद साहू पंच बंशीधर खांडे, चिरंजीव तंबोली, भोलाराम गोड़, सुभाष सिंह गोड़, विश्राम मनहर, सुखसागर सिदार, रामायण जायसवाल, रुक्मणी राठौर, सीता तंबोली, राजकुमार जांगड़े, गंगोत्री सिदार, देवकी राठौर, सरोज कंवर,रजनी सिद्धार, विद्या कंवर, सुलोचना एवं थाना स्टाफ बाराद्वार उपस्थित थे। अविश्वास प्रस्ताव पारित होते ही विरोधी खेमे में उत्साह था वहीं सरपंच के पक्ष के लोगों में मायूसी देखी गई।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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