पᆬोटो : 21 जानपी 1 - सड़क पर मवेशी

राहौद । (नईदुनिया न्यूज)। सरकार द्वारा शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रोका छेका अभियान शुरू किया गया है मगर सरकार की इस व्यवस्था को लागू करने में स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है।

रोका छेका अभियान के तहत मवेशियों को सुरक्षित ढंग से व्यवस्थित कर किसानों एवं आवागमन की व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त बनाए रखने के लिए ग्राम एवं नगर में यह अभियान जोरो से चलाया जा रहा है मगर नगर पंचायत राहौद में अव्यवस्था का आलम है । नगर में घूमने वाले मवेशी गोठान में ना होकर सड़क पर ही नजर आ रहे हैं । सड़क पर मवेशी होने से आवागमन करने वाले वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। वाहन चालक के साथ साथ मवेशी भी दुर्घटना ग्रस्त हो रहे हैं। इस अभियान के तहत मवेशियों को पकड़कर गोठान तक पहुंचाया जाना है मगर नगर पंचायत राहौद में बेसहारा मवेशियों के लिए गोठान ही नहीं है मवेशियों के द्वारा किसानों के फसल को चरकर नुकसान भी पहुचाया जा रहा है माह के शुरुवाती दिनों में अत्यधिक वर्षा के कारण किसान बहुत परेशान हैं। खेतों में धान के पौधे आने के बाद मवेशी उसे चट कर रहे हैं।

नगर में नहीं गोठान

पिछले वर्ष किसानों के हितों को ध्यान में रखकर अस्थाई तौर पर शमशान घाट को अस्थाई गोठान बनाया गया था। जिस पर स्थानीय लोगों ने आपत्ति की थी क्योंकि मवेशी शव जलने के बाद अस्थि व राख को अस्त व्यस्त कर देते थे। इसके बाद भी स्थाई गोठान का निर्माण यहां नहीं हो सका है। इससके चलते मवेशी खुले में घूम रहे हैं। नगरवासियों ने शीघ्र ही गोठान निर्माण की मांग की है।

गांव से लेकर शहर तक सड़क पर मवेशी

पᆬोटो : 21 जानपी 2 - थाना के सामने मवेशियों का जमावड़ा

बलौदा । (नईदुनिया न्यूज) । सरकार की महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा , बाड़ी का सही कियान्वयन नहीं होने से यह योजना दम तोड़ रही है । वहीं रोका छेका अभियान भी धरातल पर सार्थक नजर नहीं रहा है। सड़क में मवेशियों का डेरा लगा हुआ है, वाहन चालक रोज दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। ऐसा लगता है जैसे शासन की योजना सिर्फ कागजों पर ही सिमट कर रह गई है। बलौदा ब्लाक के ग्राम पंचायतों में गलियों से लेकर खेतों तक मवेशी नजर आ रहे हैं । पशुओं की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए राज्य सरकार ने रोका छेका अभियान की शुरुआत की है, जिसमें मवेशियों की गोठानो में रखने की योजना शुरू की गई है। बलौदा ब्लाक के 65 ग्राम पंचायतों में से केवल 18 ग्राम पंचायतों में ही गौठान का निर्माण कार्य हुआ है । इसमें भी रोक छेका अभियान नजर नहीं आ रहा है। शासन की महत्वाकांक्षी योजना का सही क्रियान्वयन नहीं होने से इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। गांवो के साथ साथ नगर पंचायत बलौदा में भी में सुबह से रात तक मवेशी सड़कों पर बैठ रहते हैं। जिसके कारण लोग प्रतिदिन दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं । पशुओं के कारण हो रही दुर्घटनाओं को रोकने और मवेशियों को संरक्षित रखने के लिए सरकार द्वारा रोका छेका अभियान की शुरुआत की गई है लेकिन इस अभियान की वास्तविकता की पोल सड़कों पर बैठे मवेशी खोल रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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