जांजगीर-चांपा। रेल बजट शीघ्र आने वाला है। इसको लेकर जिलेवासियों को कापᆬी उम्मीदें हैं। जिला मुख्यालय में एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव के साथ ही रेलवे स्टेशन जांजगीर-नैला में यात्री सुविधा के विस्तार की आस लोगों को है। जिले के अन्य स्टेशनों में भी आगामी बजट में सुविधाएं बढ़ने की उम्मीदें हैं।

जिला मुख्यालय के जांजगीर-नैला स्टेशन में यात्री सुविधाओं का पूर्णतः विस्तार नहीं हो सका है। इसे माडल स्टेशन बनाने की कोशिश तो शुरू हुई मगर भवन बनाकर छोड़ दिया गया है। यहां बुकिंग काउंटर बढ़ाने के साथ ही रिजर्वेशन काउंटर भी बढ़ाने की जरूरत है। जांजगीर-नैला स्टेशन में मिलने वाली यात्री सुविधाएं कापᆬी कम है। लंबी दूरी की ट्रेन एवं आरामदायक-प्रतीक्षालय और प्लेटपᆬार्म में बैठने की कुर्सी, पीने के लिए पानी, प्रसाधन तथा सापᆬ-सपᆬाई के साथ ही समुचित पार्किंग का अभाव बना हुआ है। यात्रियों के बढ़ते दबाव एवं सीमित संसाधनों से यह स्टेशन जिले के अनुरूप नहीं है। सुबह से देर रात तक यात्रियों का दबाव कम नहीं होता है। रेलवे स्टेशन में सुविधा नहीं के बराबर है। जिला मुख्यालय होने के कारण प्रतिदिन सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारी जो अन्य जिलों में कार्यरत हैं, ट्रेन से आवाजाही करते हैं। सुबह व शाम के समय स्टेशन में यात्रियों का दबाव अधिक रहता है। यात्रियों की परेशानियां टिकट लेने से शुरू होकर जब तक ट्रेन में प्रवेश नहीं करते तब तक रहती है। जनप्रतिनिधियों द्वारा कई बार जिम्मेदार विभाग को सुविधा बढ़ाने के लिए आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन सिपर्ᆬ आश्वासन के बजाए कुछ हासिल नहीं हुआ है। गर्मी व बारिश के दिनों में सर्वाधिक परेशानी होती है। स्टेशन में छायादार शेड के अभाव के चलते यात्रियों को खुले स्थान या पेड़ के नीचे खड़े होकर ट्रेन का इंतजार करना पड़ा है। इसके अलावा महिला यात्री प्रतीक्षालय का अभाव व प्रसाधनगृह की कमी है। मॉडल स्टेशन होने के बाद भी यहां जरूरी सुविधा का अभाव है। इसके अलावा गोंड़वाना, साउथ बिहार, हीराकुण्ड, मेल व अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टापेज नहीं है। इस संबंध में संभागीय रेल सलाहकार समिति के सदस्यों ने कई बार डीआरएम से लेकर रेलमंत्री तक को पत्राचार किया है, मगर कोई सपᆬलता नहीं मिली। इस रेल बजट में यात्रियों को उम्मीद है कि एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव जांजगीर-नैला स्टेशन में होगा। दैनिक रेल यात्री सुधीर का कहना है कि यहां सुविधाएं कम है। स्टेशन में एक अतिरिक्त पᆬूट ओव्हरब्रिज की आवश्यकता है। वहीं निःशक्तों को सीढ़ी पार करने मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। रेल बजट पूर्व मण्डल समिति की संयुक्त बैठक में सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले ने रेलवे से संबंधित विभिन्न मांगे रखी। इसमें जांजगीर-नैला रेलवे स्टेशन में पश्चिम दिशा की ओर प्लेटफार्म परिसर में नैला भांठापारा एवं नैला बस्ती को जोड़ते हुए क्रॅास फुट ओव्हर ब्रिज निर्माण किए जाने, प्लेटपᆬार्म नं. 1 से 4 तक शेड का विस्तार करने, जांजगीर-नैला स्टेशन का दैनिक यात्री एवरेज 4081 है। जिला मुख्यालय का स्टेशन होने के कारण इसकी श्रेणी अपग्रेड कर बी श्रेणी में रखे जाने एवं यहां के रेक पाइंट की आय बिलासपुर में जोड़ी जाती है, उसे जांजगीर-नैला स्टेशन की आय में जोड़े जाने, जांजगीर-नैला स्टेशन में रेलवे पुलिस चौकी की स्थापना, प्लेटफार्म नं. 2,3,4 एवं अकलतरा स्टेशन के डिस्प्ले बोर्ड को चालू किए जाने, बंद किए गए ई-संगवारी टिकट आरक्षण केन्द्र को पुनः प्रारंभ करने, कोटमीसोनार एवं कापन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म की ऊंचाई बढ़ाने एवं जेठा स्टेशन में प्लेटफार्म निर्माण किए जाने की मांग रखी। इसी तरह कोटमीसोनार रेलवे स्टेशन में यात्रियों एवं पर्यटकों के लिए स्टेशन में सुविधा बढ़ाए जाने की मांग करते हुए कहा कि यहां देश का एकमात्र क्रोकोडायल पार्क स्थित है, जहां लाखों पर्यटकों का आवागमन होता रहता है।

विभिन्न स्टेशनों में एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टापेज

सांसद श्रीमती पाटले ने अकलतरा स्टेशन में हावड़ा मुंबई मेल एवं पुरी-बलसाड़ एक्सप्रेस का ठहराव, जांजगीर-नैला में मेल एक्सप्रेस, साऊथ बिहार एक्सप्रेस एवं गोंड़वाना एक्सप्रेस एवं चांपा जंक्शन में ज्ञानेश्वरी सुपर पᆬास्ट एक्सप्रेस के ठहराव की मांग की। इसी तरह बाराद्वार में गोंड़वाना, सक्ती में गोंड़वाना व अहमदाबाद एक्सप्रेस के ठहराव की प्रमुखता से मांग रखी। उन्होंने जांजगीर-नैला स्टेशन के समीप नहरिया बाबा मंदिर से लगभग 100 मीटर आगे अण्डरब्रिज निर्माण किए जाने, बिलासपुर नागपुर इंटरसिटी का विस्तार रायगढ़ तक किए जाने, इलाहाबाद के लिए झारसुगड़ा से नई एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन किए जाने की मांग की।

नई रेल परियोजना को बजट में शामिल करने पर जोर

सांसद श्रीमती कमला देवी पाटले ने नई रेल लाइन सर्वे में पेण्ड्रा-गेवरा रोड से हरदीबाजार-पंतोरा-पहरिया-चाम्पा 180 किमी, तिल्दा-पलारी-बलौदा बाजार-कसडोल-सरसींवा-ओडिशा 194 किमी रेल लाइन को रेल बजट में राशि आबंटन करते हुए शीघ्र निर्माण कार्य प्रारंभ किए जाने की मांग रखी है। उम्मीद है इस बजट में नई रेल परियोजना के लिए राशि आबंटित होगी।

सक्ती में रेक पाइंट पुनः प्रारंभ करने की मांग

चेम्बर आपᆬ कामर्स सक्ती अध्यक्ष ने पीएम को भेजा पत्र

सक्ती। छग चेम्बर ऑफ कामर्स एण्ड इण्डस्ट्रीज रायपुर इकाई द्वारा नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री को पत्र प्रेषित कर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को सक्ती रेलवे स्टेशन जिला जांजगीर चाम्पा जोनल मुख्यालय बिलासपुर अंतर्गत सक्ती में रेलवे का रैंक पाईन्ट को पुनः प्रारम्भ करने की मांग की है। सक्ती इकाई अध्यक्ष जगदीश बंसल ने बताया कि पूर्व में 2007-08 में सक्ती रेलवे स्टेशन के दक्षिण दिशा की ओर रैक पाइंट साईडिंग सिंगल लाइन में माल लदान का कार्य सुचारू रूप से होता था। भारतीय खाद्य निगम डिपो सक्ती के द्वारा सक्ती रेलवे साईडिंग में चावल, सालवेंट प्लाण्ट का मटेरियल , डोलोमाइट माइन्स आदि वस्तुओं का परिवहन किया जाता था। वर्तमान में रैंक पाइंट साइडिंग के लिए डबल लाईन निर्मित है, जहां से कभी भी रेलवे रैक पाईंट साईडिंग द्वारा माल की आवाजाही सुगमता पूर्वक संचालित किया जा सकता है। भारतीय खाद्य निगम डिपो सक्ती द्वारा वर्तमान में रैक लोड बाराद्वार से किया जा रहा है, जो कि सक्ती डिपो से लगभग 20 किमी की दूरी पर स्थित है जबकि एफसीआई डिपो सक्ती से सक्ती रैक पाइंट सक्ती नगर से बाहर परिवहन की दूरी लगभग 5 किमी पर स्थित है। यदि सक्ती स्थित रेलवे रैक पाईट से एफसीआई द्वारा परिवहन किया जाता है तो इससे न केवल समय, सुगम एवं सुरक्षित तथा एफसीआई करोड़ों रूपए के राजस्व की खाद्यान्न (फुड ग्रेन) ढुलाई में दी जाने वाली रकम की बचत होगी तथा अधिकारियों को भी सक्ती रैक पाइंट के निरीक्षण एवं सतत्‌ निगरानी में सुविधाजनक होगा। इससे भविष्य में दूरगामी यात्री ट्रेनो का स्टापेज मिलने की संभावना है। इससे दपूमरे को करोड़ों रूपए की आय माल लदान में सक्ती क्षेत्र से ढुलाई के रूप में मिलेगा। सक्ती से लगे हुए मालखरौदा, डभरा, जैजैपुर, चन्द्रपुर क्षेत्र में लगभग 60 राईस मिले, 10 गैस एजेंसियां, 20 पट्रोल पम्प, लाख चपड़ा की 4 उद्योग, 10 ट्रैक्टर ट्राली फैक्ट्री, 7 कांसा पीतल उद्योग, 4 पावर प्लांट, डम्फर हाइवा निर्माण उद्योग, स्टील फेब्रिकेशन फैक्ट्री, कोसा हथकरघा बुनकर उद्योग, डेयरी फार्म, क्रशर उद्योग, सीमेन्ट, खाद, बारदाना, मेडिकल, खाद्यान्न का व्यवसाय, बिलासपुर संभाग का सबसे बड़ा दैनिक हाट बाजार, दो पहिया वाहनों की सभी कंपनी की सब डीलरशीप एवं सभी कंपनी के ट्रैक्टर की डीलरशीप भी है। यहां का प्रसिद्ध लाख, चपड़ा, एवं कोसा कपड़ा देश विदेशों में निर्यात किया जाता है। यहां से प्रतिदिन एक्सप्रेस एवं पैसेंजर ट्रेनो के माध्यम से साग-सब्जियां दूरस्थ स्थानों में पार्सल बुकिंग के जरिए दिल्ली, कोलकाता आदि महानगरों में भेजा जाता है। सक्ती इकाई श्री बंसल ने उक्त पत्र पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए सुगम एवं सुरक्षित परिवहन माल ढुलाई के लिए सक्ती में रैक पाइन्ट प्रारम्भ करते हुए क्षेत्रवासियों को परिवहन की नई सुविधा प्रदान करें ताकि शासन को भी करोड़ों रूपए का राजस्व प्राप्त हो सके।

''मैने मण्डल समिति की संयुक्त बैठक में जिले के स्टेशनों सहित रेल से संबंधित मांगे रखी है। ये सभी मांगे लंबे समय से पूर्ण होने की प्रतिक्षारत हैं। नई रेल लाइन के लिए भी बजट में राशि आबंटित होना है। इस बार उम्मीद है कि रेलमंत्री इन सभी मांगों को पूरा करेंगे।''

श्रीमती कमला देवी पाटले

सांसद

''संभागीय रेलवे सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य ब्यास कश्यप का कहना है कि जिला मुख्यालय के अनुरूप स्टेशन में यात्री सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। साथ ही बुकिंग काउंटर और बढ़ाए जाए। जीआरपी चौकी भी जांजगीर-नैला स्टेशन में अनिवार्य महसूस होने लगा है। उम्मीद है इस बजट में जिले को सुविधाएं मिलेगी।''

ब्यास कश्यप

भाजपा नेता

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