जांजगीर-चांपा। नईदुनिया न्यूज। जांजगीर में आयोजित 19 वीं छत्तीसगढ़ राज्य सीनियर बास्केटबॉल प्रतियोगिता के दूसरे दिन खेले गए मैच में महिला वर्ग में भिलाई इस्पात संयंत्र, बिलासपुर डिस्टिक, भिलाई कारपोरेशन,राजनांदगांव जिला, नगर निगम रायपुर, दुर्ग नगर निगम एवं दुर्ग जिला की टीम ने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है।

महिला वर्ग के प्री क्वार्टर फाइनल में देवेंद्र नगर सोसाइटी रायपुर ने रायगढ़ जिला को 31-04 अंकों से पराजित कर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई । आज सुबह महिला वर्ग के लीग मैच में भिलाई इस्पात संयंत्र ने रायगढ़ जिला को 53-13, दुर्ग जिला ने बिलासपुर जिला को 44-20 अंकों से, राजनांदगांव जिला ने रायपुर जिला को 32-03 अंको से, भिलाई नगर निगम ने दुर्ग नगर निगम को 44-07 अंकों से,देवेंद्र नगर सोसाइटी रायपुर ने जांजगीर जिला को 20-15 अंकों से पराजित किया। साथ ही साथ पुरुष वर्ग के मुकाबले में दुर्ग नगर निगम ने छत्तीसगढ़ पुलिस को 62-31 अंको से, जांजगीर नगर ने सरगुजा जिला को 23-19 अंकों से, बिलासपुर जिला ने रायपुर नगर निगम को 44-20 अंको से, बिलासपुर नगर निगम ने रायपुर नगर निगम को 20 के मुकाबले 0 अंकों से, भिलाई इस्पात संयंत्र ने रायगढ़ नगर निगम को 35-18अंको से, भिलाई नगर निगम ने सरगुजा जिला को 20-05 अंको से, एसईसीआर रेलवे बिलासपुर ने अकलतरा को 18-8 अंकों से, देवेंद्र नगर सोसायटी रायपुर ने स्मृति नगर सोसायटी भिलाई को 43-30 अंकों से, बिरगांव नगर निगम रायपुर ने गरियाबंद जिला को 48-19 अंको से, जांजगीर नगर निगम ने बलौदा बाजार को शानदार मुकाबले में 27-26 अंकों से, रायपुर नगर निगम ने महासमुंद जिला को 31-10 अंकों से पराजित किया। 13 नवंबर को सुबह प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल मैच पुरुष एवं महिला वर्ग के खेले जाएंगे।

इंटरनेशनल स्पर्धा खेलने की ईच्छा

फोटोः नेहा कारंवा, नेशनल प्लेयर

लोगों के घरों में बर्तन साफ करने वाली सुरजो कारवां और आटो चलाकर परिवार चलाने वाले हेमराज कारवां के घर में पैदा हुई भिलाई की नेहा कारवां बास्केटबॉल की दुनिया में आज किसी पहचान की मोहताज नहीं है। नेशनल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर 17 साल की नेहा अब तक 2 गोल्ड और 2 सिल्वर मेडल जीतकर अपने नाम कर चुकी है। नेहा के खेल कौशल को उनके कोच सुरजीत चक्रवती ने देखा और उन्होंने उसे एक सफल खिलाड़ी बनाने को सोचा। नेहा 10 वर्ष की उम्र से बास्केट बॉल खेलना शुरू की। 17 वें जूनियर नेशनल चैम्पियनशीप में शामिल छग टीम की हिस्सा थी। छग को उपविजेता का खिताब दिलाने में नेहा की अहम भूमिका थी जिसके कारण उस प्रतियोगिता में नेहा को बेस्ट प्लेयर आफ द टूनामेंट का अवार्ड दिया गया था। इसी प्रकार 2017-18 में बैंगलोर में आयोजित फिवा अडंर 16 की प्रतियोगिता में नेहा भारतीय टीम की हिस्सा थी। नेहा ने बताया कि इंटरनेशनल खेलने की इच्छा है।

सफलता के लिए मेहनत जरूरी

फोटोः अंकित पाणिग्रही, इंटरनेशनल प्लेयर

छग सरकार द्वारा वर्ष 2008 में शहीद कौशल यादव पुरूस्कार से सम्मानित 26 साल के अंकित पाणिग्राही बास्केटबॉल के माहिर खिलाड़ी हैं। वे भिलाई स्टील प्लांट की तरफ से खेलते हैं। वे अपनी अद्भूत खेल क्षमता के कारण अब तक चार बार अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। ईरान, रशिया हांगकांग और मलेशिया में आयोजित इंटरनेशनल प्रतियोगिता में शामिल भारतीय टीम के खिलाड़ी थे। उन्होंने बताया कि वे 13 साल की उम्र से बास्केटबॉल खेल रहे हैं। वर्तमान में वे खेल कोटा से वेस्टर्न रेलवे में ग्रुप डी के कर्मचारी हैं। अब तक वे 2 गोल्ड, 3 सिल्वर और 3 ब्रांज मेडल जीत चुके हैं। अंकित ने बताया कि वे 2003 से लगातार कोच आरएस गौर के मार्गदर्शन में खेलते आ रहे हैं। कोच आरएस गौर से जुड़ने के संबंध में उन्होंने बताया कि वे पहले यूपी के तरफ से खेलते थे। इस बीच यूपी और छग की टीम का एक मैच हुआ था। जिसमें कोच गौर की प्रशिक्षण क्षमता को देखकर उनसे मुलाकात कर अपनी टीम में शामिल करने का निवेदन किया और छग आ गया। अंकित ने बताया कि राजस्थान के भिलवाड़ा में वर्ष 2008 में आयोजित जूनीयर नेशनल चैम्पियपशीप में खेलना उनके जीवन का सबसे सुखद पल था। इसी प्रकार वर्ष 2006 में अंडर 16 यूथ नेशनल भिलाई में यूपी के साथ मैच हुआ था। जिसमें सिल्वर मेडल खिताब मिला था। यह मैच उसके जीवन का सबसे यादगार मैच था। उन्होंने कहा कि खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मेहनत जरूरी है।

दो बार इंटरनेशनल खेल चुके रूद्राक्ष

फोटोः रूद्राक्ष पाण्डेय, इंटरनेशनल प्लेयर

मूलतः लखनउ उत्तर प्रदेश के रहने वाले 24 साल के रूद्राक्ष पाण्डेय वर्ष 2003से बास्केटबॉल खेल रहे हैं। उनके शरीर की ऊंचाई को देखते हुए उनके पिता राजीव पाण्डेय ने उन्हें बास्केटबॉल खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। अब तक वे दो बार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। वर्ष 2012 में दोहा सउदीअरब और 2012 में ही रशिया में आयोजित इंटरनेशनल चैम्पियनशीप में शामिल भारतीय टीम के हिस्सा थे। वर्तमान में वे खेल कोटा से इंकम टैक्स विभाग दिल्ली में पदस्थ हैं। भिलाई के कोच आरएस गौर से जुड़ने के संबंध में उन्होंने बताया कि वे पहले यूपी के तरफ से खेलते थे। इस बीच 2014 में आयोजित सीनियर नेशनल चैम्पियनशीप के दौरान उनसे संपर्क हुआ। उस प्रतियोगिता में कोच गौर की प्रशिक्षण क्षमता को देखकर उनसे मुलाकात किया और अपनी टीम में शामिल करने आग्रह किया। इसके बाद छग आ गया और अब छग भिलाई के तरफ से खेलता है।

खेल के साथ पढ़ाई भी जरूरी

फोटोःईली जावेद एक्का, नेशनल प्लेयर

17 साल की ईली जावेद एक्का पत्थल गांव की रहने वाली है। बचपन में वह पढ़ाई के दौरान सेंट जेवियर्स स्कूल के तरफ से बास्केटबाल खेलती थी। उसके खेल कौशल को कोच सरजीत चक्रवती ने देखा और उसे अपने साथ भिलाई ले आए। ईली 2011 से बास्केटबॉल खेल रही है। कम उम्र में ही वह चार बार नेशनल खेल चुकी है। उसने बताया कि वर्ष 2014 में नासिक, वर्ष 2015 में बैंगलोर, वर्ष 2016 में हैदराबाद और वर्ष 2019 में अभी हाल ही में बिहार में आयोजित नेशनल चैम्पियनशीप में शामिल टीम के तरफ से खेल चुकी है। इसके अलावा वर्ष 2017 में बैंगलोर में आयोजित अंडर 17 टीम में शामिल थी। वर्तमान में वह श्रीकृष्ण विद्यालय भिलाई में कक्षा 12वीं की छात्रा है। उसने बताया कि खेल के साथ पढ़ाई भी जरूरी है। नियमित तौर पर वह सुबह शाम मैदान में अभ्यास करती है। वहीं कोच सरजीत चक्रवती के मार्ग दर्शन भी लगातार मिल रहा है जिससे उसके खेल में और निखार आ रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network