शिवरीनारायण। नईदुनिया न्यूज। शिवरीनारायण मठ मंदिर में मासिक रविवारीय राम कथा का आयोजन हुआ। जिसमें दूरदराज के अनेक ग्रामों से आए हुए मानस के प्रवक्ता एवं श्रोतागण शामिल हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ रामायण की आरती एवं भगवान रघुनाथ की स्तुति गान से हुआ। जगदीश मंदिर के पुजारी त्यागी महाराज ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर रामचरितमानस की कथा का रसपान कराते हुए ग्राम भैंसों से आए हुए भागवताचार्य राजेंद्र शर्मा ने साधु के पांच लक्षणों का वर्णन करते हुए कहा की शांत रहना,एकांत रहना, व्यर्थ का विवाद नहीं करना, जो मिले उसमें ही संतुष्ट रहना, समुद्र की तरह पहले खारा और फिर बाद में मीठा बनना धर्म शास्त्रों में बताए गए लक्षण है। मानस मर्मज्ञ दिनेश गोस्वामी ने कहा कि भगवान राम ने अपने आगमन के पूर्व रावण को मारीच, शूर्पणखा, हनुमान, शिव स्थापना, एवं अंगद के माध्यम से संकेत दिया किंतु रावण समझ नहीं पाया। परदेसी राम साहू ने कहा कि हमें भगवान के पीछे चलना चाहिए तभी हमारी प्रतिष्ठा बच पाएगी हनुमान जी भगवान के पीछे चलते हैं उनका पूंछ है ,पूंछ का अर्थ ही प्रतिष्ठा है लोगों को शिव प्रसाद द्विवेदी भगत राम साहू गंगा राम केवट कोमल प्रसाद साहू सहित अनेक मानस मर्मज्ञों ने संबोधित किया इस अवसर पर विशेष रूप से कार्यक्रम के आयोजक निरंजन लाल अग्रवाल, शंभू यादव, रवि शंकर यादव, पुनी राम साहू सहित अनेक मानस मर्मज्ञ गण एवं श्रोता समाज उपस्थित थे कार्यक्रम का विधिवत संचालन रंगनाथ यादव ने किया।

डोल ग्यारस एकादशी आज

धर्म एवं अध्यात्म की पावन धरा शिवरीनारायण मठ मंदिर में 9 सितंबर सोमवार को डोल ग्यारस का पावन पर्व श्रद्घा एवं भक्ति पूर्वक मनाया जाएगा । शिवरीनारायण मठ मंदिर में प्रति वर्ष भाद्र शुक्ल ग्यारस को डोल ग्यारस का पर्व श्रद्घा भक्ति पूर्वक आयोजित होता है इसमें महंत रामसुन्दर दास महाराज संत महात्माओं एवं श्रद्घालुजन के साथ उपस्थित रहेंगे। शिवरीनारायण नगरवासी भी सपरिवार अपने अपने घरों के सामने दरवाजे पर भगवान की पूजा अर्चना करके एकादशी का पुण्य लाभ अर्जित करते हैं।