नवागढ़।(नईदुनिया न्यूज)। रमजान में 8 व 13 साल के बच्चे भी रोजा रख रहे हैं। दिन भर की रोजा के बाद शाम को रोजा खोलते हैं। घर के बड़ों से प्रेरित होकर बच्चे भी रोजा रख रहे हैं।

इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक नवां महीना रमजान का होता है। रमजान के महीने को इबादत का महीना कहा जाता है।इसमें सभी मुस्लिम समाज के लोग एक महीना रोजा रखते हैं। इस साल रमजान की शुरुआत 25 अप्रैल से हुई हैं। मुस्लिम समुदाय के लोग साल भर रमजान का बेसब्री से इंतजार करते हैं, क्योंकि ऐसी मान्यताएं हैं कि इस महीने अल्लाह अपने बंदों को बेशुमार रहमतों से नवाजता है और दोजख के दरवाजे बंद कर के जन्नात के दरवाजे खोल देता है। हर मुसलमान स्त्री व पुरूष को एक माह का रोजा रखना होता है। शहर में कम उम्र के बधो रोजा रख रहे हैं और रमजान के सारे नियम का पालन भी कर रहे हैं। बाकायदा सुबह सहरी खाने के साथ ही वह फर्ज की नमाज पढ़ते हैं। दोपहर और शाम की नमाज भी पढ़ा जाता है। इसके बाद शाम के वक्त रोजा इफ्तार करते हैं। बच्चों में हनीश खान (13) पिता रहीम खान रमजान की चांद दिखने से लेकर अभी तक 29 वां रोजा रह चुके। ईद की चांद दिखने तक पूरा 30 वा रोजा रहेगा है मो.मकबूल हुसैन (9) पिता अब्दुल हुसैन इन्होंने भी रोजे रहे। नवागढ़ ब्लॉक के ग्राम पाली के जमील खान के दोनों बधो सगे भाई बहन माहिरा खान (8) नुबैद खान (12) रमजान से लेकर अभी तक रोजा है। इन्होंने ने बताया की रोजा रखकर खुदा से दुआ मुल्क में अमन चैन अता फरमाए और इस बीमारी से तमाम मुल्क के इंसानो की हिफाजत फरमाए कोरोना जैसे महामारी बीमारी से खुदा महफूज रखे। रमजान की पहला रोजा से लेकर लगातार माह भर तक रोजा है वही लॉककड़ाउन होने से मुस्लिम समाज अपने अपने घरों में नमाज अदा कर करे है ईद की नमाज भी अपने अपने घरों में पढ़ी जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

जीतेगा भारत हारेगा कोरोना
जीतेगा भारत हारेगा कोरोना