डभरा (नईदुनिया न्यूज)। साराडीह में महानदी तट पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में भागवताचार्य पं. चुलेश्वर तिवारी ने आज रुक्मणी विवाह की कथा सुनाई। इस आयोजन में कलश यात्रा से लेकर अब तक भगवान श्री कृष्ण की समस्त लीलाओं की झांकियां निकाली गई जिसमें क्षेत्र के लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा लिए।

कार्यक्रम के दौरान कृष्ण लीला से जुड़ी अनेक कहानियां भी भागवताचार्य ने सुनाई। उन्होंने बताया कि बांके बिहारी और राधा रानी को जिस रूप में मानेंगे वह उसी रूप में मिलेंगे। उन्होंने कहा कि एक सेठ जो राधा रानी को अपनी बेटी के रूप में मानते थे और उसी रूप में राधा रानी की पूजा करते थे। सेठ अपने तीन बहुओं के लिए मनिहारी से चूड़ी लेने को कहा तीनो बहुएं जब चूड़ी लेने गईऔर चूड़ियां खरीदी। लेकिन जब सेठ उसे पैसे देने गया , तब उस चूड़ी वाले ने सेठ से चार जोड़ी चूड़ियों के पैसे मांगे। सेठ को लगा कि यह ज्यादा पैसा लेना चाहता है। उसने घर आकर अपनी बहुओं से पूछा तो उन्होंने तीन लोगों के लिए चूड़ी लेने की बात कही। इसके बाद भोजन के पश्चात सेठ सो गया। रात्रि में राधा रानी सेठ के सपने में आई और वह उदास थी । पूछा की राधा रानी उदास क्यों है तब राधा रानी ने कहा कि वे अपनी तीन बहुओं को अधिक प्रेम करते हो और बेटी को भूल गए। अगर उन्हें बेटी माना है तो उनको भी पूरा हक मिले। एक जोड़ी चूड़ियां मैने ही मनिहार से खरीदा है। तब सेठ रात में ही मनिहार के घर गया और कहा कि वह खुश नसीब है कि चूड़ी बेचते ही उसे राधा रानी का दर्शन हो गए। कथा श्रवण करने बड़ी संख्या में श्रद्घालु उपस्थित थे।

Posted By: Nai Dunia News Network

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