जांजगीर-चांपा।नईदुनिया न्यूज। पूर्व नगरपालिका उध्यक्ष पुरूषोत्तम शर्मा ने चांपा की विभिन्ना समस्या को लेकर 24 घंटे का सांकेतिक आंदोलन शुरू किया। उनकी मांगों में ओवरब्रिज, गौरवपथ, रामबांधा सहित सात बिंदु शामिल हैं। शहर के परशुराम चौक के पास अर्द्घनग्न होकर प्रारंभ किया गया हड़ताल 22 जुलाई को सुबह 10 बजे तक जारी रहेगा।

चांपा में इन दिनों पक्ष और विपक्ष जनता के निशाने पर हैं। शहर में गौरवपथ, रामबांधा तालाब और ओवरब्रिज का मुद्दा काफी गरमाया हुआ है। ऐसे में 15 जुलाई को पहले गौरवपथ का जल्द से जल्द निर्माण पूरा करने को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया तो वहीं उसके बाद ओवरब्रिज को लेकर खडी हुई समस्या को लेकर चांपा स्टेशन में नगाड़ा बजाया गया। अब पूर्व नपा उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम शर्मा सात सूत्रीय मांगों को लेकर अर्द्घनग्न अवस्था में आंदोलन कर रहे हैं। पुरूषोत्तम शर्मा ने हाल ही में नगाड़ा बजाकर प्रदर्शन करने के मुद्दे को राजनीतिक बताया। उन्होंने कहा कि गौरवपथ और रामबांधा तालाब मामले में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी चाही गई थी, लेकिन आज तक जवाब नहीं दिया गया है। उन्होंने गौरवपथ, रामबांधा तालाब, ओवरब्रिज सहित सात मांगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें काम करने में परेशानी हो रही है। वे पैसों का बंदरबाट करना चाहते हैं। इस वजह से उन्हें परेशानी हो रही है। तत्परता से लोग जागरूक हो रहे हैं। तत्परता से उन्हें काम करना पड़ रहा है। उन्होंने काम रूकवाने के सवाल पर कहा कि उन्हें क्यों नहीं बताया जाता कि गेमनपुल से लेकर रेलवे स्टेशन तक कितने वृक्ष, कौन-कौन से वृक्ष और कहां पर का वृक्ष काटा गया है। अब तक 59 वृक्षों को काटने की अनुमति मिली है। जबकि डेढ सौ पेड़ काट दिया गया है। यह एक राजनीतिक विषय है। उन्होंने कहा कि यह सांकेतिक धरना है। यदि प्रशासन और स्थानीय प्रशासन नहीं जागता है तो चरणबद्घ उग्र आंदोलन किया जाएगा।

नपाध्यक्ष ने दिया जवाब

पूर्व नपा उपाध्यक्ष पुरूषोत्तम शर्मा के आरोपों का खंडन करते हुए नपा अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि भाजपा शासनकाल में ओवरब्रिज बनाने का काम दिया गया था जो अब तक नहीं बन सका है। उनका कहना है कि भाजपा शासनकाल में ही कलेक्टर ने भारी वाहनों को शहर के भीतर से दौड़ाया। इस वजह से सड़क जर्जर हो गई। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर आंदोलन किया गया। च-ाजाम की चेतावनी दी। जब तक प्रदेश में भाजपा की सरकार थी, तब तक गौरवपथ का नए सिरे से निर्माण कराने स्वीकृति तक नहीं मिली। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद और विधानसभा अध्यक्ष की पहल पर गौरवपथ का नए सिरे से निर्माण हो रहा है। ठेकेदार को सड़क बनाने के लिए डेढ साल का समय दिया गया है लेकिन तीन माह में ही 50 फीसदी काम हो गया है। उन्होंने रामबांधा तालाब के कार्य में पिछड़ना स्वीकार किया। साथ ही ठेकेदार पर काम पूरा करने दबाव बनाने और सितंबर माह तक कार्य पूर्ण कराने का आश्वासन दिया। राजेश अग्रवाल ने पेड़ कटाई मामले में कहा कि इसके लिए पांच लाख रुपए वन विभाग में जमा कराया गया था। कुल 60 पेड़ काटा गया है और सभी पेड़ों को वन विभाग की टीम ने अपनी जिम्मेदारी में जांजगीर के डिपो में रखा है। कोई भी व्यक्ति डिपो जाकर इस बात की पुष्टि कर सकते हैं।