सकरेली (नईदुनिया न्यूज)। ग्राम पंचायत सकरेली (बा.) के सरपंच पर उपसरपंच एवं पंचो ने चौदहवे एवं पन्द्रहवे वित्त आयोग की राशि का दुरूपयोग किए जाने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत कलेक्टर से करते हुए कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में सरकारी जमीन पर मकान बनाने का आरोप सरपंच पर लगाया गया है जिस पर आज जांच टीम गांव पहुंची और मौके का मुआयना कर पंचनामा तैयार कराया गया। जिसमें सरपंच द्वारा बेजाकब्जा करने की बात सामने आई।

शिकायत में यह भी बताया गया है कि सरपंच ममता हुलासराम खूंटे एवं सचिव नारायण यादव नेवित्त आयोग की राशि का दुरूपयोग किया है। बोर खनन एवं मनमाने तरीके से अवैध निर्माण कार्य कर उसका बिल पंचायत में प्रस्तुत न करते हुए राशि आहरण किया गया है। सरपंच पर सरकारी जमीन मेंमकान निर्माण करने का आरोप भी लगाया है। बेजाकब्जा की जांच के लिए सकरेली पटवारी एवंआरआई महेश राम देवांगन के द्वारा मौकेकी जांच की गई । जांच के दौरान आबादी जमीन पर मकान पाया गया । जिसको सरपंच ममता हुलसराम खूंटे के देवर ने अपनी जमीन बताया ।

इन बिंदुओं पर हुई शिकायत

सीसी रोड निर्माण व नाली निर्माण के लिए स्वीकृत राशि 6 लाख 43 हजार 607 रूपए होने के बाद अलग से नाली निर्माण के लिए पांच लाख आठ हजार 264 रूपए आहरित करने का आरोप लगाया। सीसी रोड निर्माण की राशि आहरण के बाद भी मजदूरी भुगतान के लिए 15 वें वित्त आयोग की राशि आहरित करने, सभी बिजली खंभों में 4 लाख 80हजार रूपए की स्ट्रीट लाईट लगाई गई थी और इस पर दो साल की गारंटी भी थी। मगर समय सीमा में फिर से उसकी मरम्मत व लाईट के नाम पर 2 लाख 96 हजार रूपए आहरण किया गया। इसी तरह नाली निर्माण नहीं करने और किसी रामलाल नामक व्यक्ति के नाम से एक-एक लाख दो बार निकालने, 15 वे वित्त की राशि से चबूतरा एवं मंगल भवन की मरम्मत के नाम पर दो लाख का आहरण करने सहित अन्य कई कार्यों में 15 वें वित्त आयोग की राशि का दुरूपयोग किए जाने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा पंचों का मानदेय नहीं देने की भी शिकायत की गई है।

कार्यालय में नहीं रहते सचिव

ग्राम पंचायत सकरेली के सचिव नारायण यादव के कार्यालय में नहीं रहने की भी शिकायत की गई है, जबकि मंगलवार एवं शुक्रवार को उन्हें कार्यालय में उपस्थित रहना है। सचिव की अनुपस्थिति के चलते ग्रामीणों का कार्य प्रभावित होता है।

तहसीलदार का नोटिस लेने से इंकार

सरपंच ममता हुलासराम खूंटे को बाराद्वार तहसीलदर ने जब उनकेखिलाफ शिकायत जांच के लिए नोटिस भेजा तो उसे लेने से उन्होंने इंकार कर दिया । नोटिस लेने से इंकार करने पर कोटवार विजय ने ग्रामीणों की उपस्थिति में पंच नामा बनाया और नोटिस लेने से इंकार लिखते हुए उसे वापस भेज दिया ।

Posted By: Nai Dunia News Network

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