जांजगीर-चाम्पा(नईदुनिया न्यूज)। जिले के अधिकांश सड़कों की हालत खराब है। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। दुर्घटनाओं की संभावनाएं बढ़ गई है। बरसात आ गई है। अभी गड्ढे नहीं भरेंगे तो कब भरेंगे। इसके लिए टेंडर पहले क्यों नहीं भेजा। यह सब विभागीय काम है। कार्यों में लापरवाही दिख रही है। न बैठक लिया जा रहा है। न काम करा पा रहे हैं और न ही खुद ठीक से काम कर रहे हैं। इस तरह बिल्कुल नहीं चलेगा। कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान काम नहीं होने पर उन्होंने अधिकारियों को जमकर पᆬटकार लगाई।

उन्होंने कहाकि मुख्यमंत्री, मंत्री, राज्य सरकार से लेकर उधा अधिकारियों के भी निर्देश है कि सभी प्रमुख सड़के गड्ढ़े विहीन रहने चाहिए। फिर भी काम नहीं हो रहे हैं। पहले से प्रस्ताव भी नहीं बनाया है। अब मैं कुछ नहीं जानता। 10 अगस्त से सड़कों को गड्डा भरने का काम चालू हो जाना चाहिए और मुझे काम होते फ़ोटो भी भेजें। सड़क, सरकारी भवन सहित अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति को देखकर कलेक्टर ने लोक निर्माण, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, हाऊसिंग बोर्ड, जल संसाधन, प्रधानमंत्री सड़क योजना सहित नेशनल हाइवे के अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताई। अपने अधीनस्थ अधिकारियों की बैठक नहीं लेने और कार्यों की समीक्षा नहीं होने की बात कहते हुए कलेक्टर ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कार्यों में सुधार नहीं लाया गया तो वे उधा अधिकारियों को कार्रवाई सूचित करेंगे। कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को विशेष मरम्मत और वार्षिक मरम्मत के अंतर्गत कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन के पास पैसे की कोई कमी नहीं है। सरकारी भवनों, आवासीय भवनों सहित अन्य कार्यों के लिए प्रस्ताव बनायेंगे तो स्वीकृति जरूर मिलेगी। उन्होंने सड़कों, भवनों के मरम्मत नहीं किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि लोक निर्माण विभाग अन्य निर्माण एजेंसियों की मातृ विभाग होती है। आपके कार्यों का अन्य विभाग अनुसरण भी करते हैं। पीडब्लयूडी वाले ही लापरवाही करेंगे तो दूसरे विभाग और लापरवाही करेंगे। कलेक्टर ने नेशलन हाइवे के अधिकारी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देशित किया कि संबंधित सड़कों की मरम्मत का कार्य शीघ्र शुरू कराए और नेशनल हाइवे में आकर जुड़ने वाले ग्रामीण सड़कों के पास संकेतक सहित अन्य सूचना बोर्ड लगाए। उन्होंने गृह निर्माण मण्डल, लोक स्वास्य यांत्रिकी विभाग, प्रधानमंत्री सड़क योजना, सेतु विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की और कार्यों में प्रगति लाने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ डा. फरिहा आलम सिद्दीकी सहित निर्माण एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक ही नहीं लेते, इसलिए कार्यों में प्रगति नहीं

कलेक्टर ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा आरईएस के कार्यों की समीक्षा में पाया कि अधिकांश कार्यों का समय पर मूल्यांकन, तकनीकी प्रा-लन नहीं हो पा रहे हैं। सांसद, विधायक मद, प्राधिकरण के अलावा 15 वें वित्त, डीएमएफ के कार्य सहित समग्र शिक्षा, शिक्षा मद आदि के कार्यों में प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने कार्यपालन अभियंता पर नाराजगी जाहिर की। कलेक्टर ने जब अपने अधीनस्थ अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा कब-कब किए जाने की जानकारी मांगी तो वे ठीक से जवाब न दे सकें। कलेक्टर ने कहा जब आप लोग जिम्मेदार अधिकारी होकर स्वयं समय पर दफतर नहीं आयेंगे और अपने अधीनस्थ अधिकारियों की मीटिंग लेकर योजनाओं, कार्यों की समीक्षा नहीं करेंगे तो कार्यों में प्रगति कहां से दिखेगी। आप लोगों के पीछे सरपंच, जनप्रतिनिधि घूम रहे हैं। कोई कार्य समय पर पूरा नहीं हो रहा है। आप लोग हर 15 दिन और एक माह में बैठक लीजिए। वे अब हर माह सभी की बैठक लेकर कार्यों की समीक्षा करेंगे।

ठेकेदारों पर नियंत्रण नहीं, करें ब्लैक लिस्टेड

कलेक्टर सिन्हा ने जल संसाधन अंतर्गत कार्यों की समीक्षा करते हुए लाइनिंग, बराज सहित अन्य कार्यों में समय सीमा पार हो जाने के बाद भी लंबित रहने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कार्यपालन अभियंता से कहा कि किसी कार्य को पूरा कराने की समय सीमा होती है। कई कार्यों में समय-सीमा इतना ज्यादा हो गया है, लेकिन कार्य अधूरा ही है। कलेक्टर ने कहा कि आप सभी इंजीनियर और जानकार हो। कार्य कब तक पूरा कराना है। यह जानते हो। किसी भी कार्य को लेने के लिए ठेकेदार निविदा भरता है। उन्हें भी समय की जानकारी होती है। यदि किसी कार्य में अधिक समय लगने की संभावना है तो, अधिक समय डालिए, लेकिन टेंडर होने के बाद कोई बहानाबाजी नहीं चलना चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि सरकारी काम को टालने का काम नहीं चलेगा। ऐसा लगता है कि ठेकेदारों पर आपका नियंत्रण नहीं है। यदि वे कार्य नहीं कर रहे हैं तो ब्लैक लिस्ट करिये और स्वयं भी लापरवाही मत करिये।

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