जांजगीर-चांपा (नईदुनिया न्यूज)। आरक्षक पुष्पराज सिंह की मौत के मामले में अब तक किसी ने कोई साक्ष्य जमा नहीं किया है। जबकि एसडीएम ने आरक्षक के संपर्क रहे व प्रत्यक्षदर्शियों को मिलाकर सात लोगों का बयान दर्ज किया है। मृतक की मोबाइल में जिनसे बात हुई थी। उनका भी काल डिटेल निकाला जा रहा है। मृतक के भाई का बयान अभी नहीं हुआ है उन्हें नोटिस जारी कर बुलाया गया है।

सक्ती थाने में पदस्थ आरक्षक पुष्पराज सिंह की मौत संदिग्ध परिस्थिति में बिजली कार्यालय के बगल में शराब दुकान जाने के रास्ते में हो गई थी। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दंडाधिकारी जांच का आदेश दिया और एसडीएम जांजगीर मेनका प्रधान को इसकी जांच की जवाबदारी दी गई। एसडीएम ने 25 मई तक मामले से जुड़े साक्ष्य जमा करने सूचना जारी किया मगर 24 मई तक इस संबंध में किसी ने उपस्थित होकर साक्ष्य या कोई तथ्य की जानकारी नहीं दी। हालांकि इस मामले में प्रत्यक्षदर्शी के अलावा जिसकी स्कूटी में आरक्षक जा रहा था और अंतिम बार जिनसे मोबाइल पर चर्चा हुई थी उस महिला को मिलाकर सात लोगों का बयान हो चुका है। मृतक के भाई का बयान अभी होना बाकी है। एसडीएम ने उसे नोटिस जारी कर बयान देने के लिए उपस्थित होने को कहा है। जिस किसी व्यक्ति को घटना की जानकारी हो या इससे संबंधित किसी तथ्य से वे अवगत हैं तो उन्हें 25 मई तक उपस्थित होकर इसकी जानकारी देने को कहा गया है मगर अब तक एक भी व्यक्ति ने किसी प्रकार का साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। इसके लिए एक दिन का समय बस शेष है। इधर एसडीएम ने सात लोगों के बयान के बाद अंतिम समय में किस -किस से आरक्षक की बात हुई उसकी जानकारी मोबाइल काल डिटेल के माध्यम से निकाले जाने की बात कही है ताकि इससे अधिक जानकारी हासिल हो सके।

एससीएस जांच शुरू नहीं

आरक्षक के मौत की जांच के लिए गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू को जांच अधिकारी बनाया है और उन्हें दूसरे जिले के पुलिस अधिकारियों की टीम बनाकर शीघ्र जांच करने के निर्देश दिए हैं। मगर अब तक यह जांच शुरू नहीं हुई है।

'' आरक्षक की मौत के मामले में सात लोगों का बयान लिया गया है। मृतक से अंतिम समय में किसने मोबाइल से बात किया इसका डिटेल निकलवाया जा रहा है। इससे जांच में सुविधा होगी।

मेनका प्रधान , एसडीएम जांजगीर

Posted By: Nai Dunia News Network

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