जांजगीर-चांपा। स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह में हाई स्कूल मैदान के लालकिला से नगरीय प्रशासन विकास एवं श्रम मंत्री डॉ शिवकुमार डहरिया ने ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा जनता के नाम के संदेश का वाचन किया और सभी को आजादी के इस अमृत महोत्सव की शुभकामनाएं तथा बधाई दी। समारोह में मुख्य अतिथि के द्वारा शांति और सद्भावना और विविधता में एकता और शांति का प्रतीक रंग-बिरंगे गुब्बारे आकाश में छोड़े गए।

मुख्य अतिथि डॉ. डहरिया ने इस दौरान बलिदानियों के स्वजन को शॉल तथा श्रीफल से तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों और गौठान समितियों को सम्मानित किया। उन्होंने यहां जिला खनिज मद से नागरिकों के उपचार के लिए 4 नए एम्बुलेंस का लोकार्पण हरी झण्डी दिखाकर किया।

इस अवसर पर सांसद गुहाराम अजगले, विधायक नारायण प्रसाद चंदेल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार सोनी, कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा, पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, व गणमान्य नागरिकगण उपस्थित थे।

मुख्य अतिथि डॉ डहरिया ने मुख्यमंत्री द्वारा जनता के नाम के संदेश का वाचन किया। उन्होंने संदेश के माध्यम से बताया कि आजाद भारत के अमृत महोत्सव के मायने और मूल्यों को समझने के लिए हमें दो शताब्दियों की गुलामी को याद करना होगा। हमारे पुरखों ने अपनी जान दांव पर लगाकर, फिरंगी सरकार के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद किया था। उनका त्याग और बलिदान देश की भावी पीढ़ियों का जीवन खुशहाल बनाने के लिए था। हमारा कर्त्तव्य है कि उनके सपनों को साकार करें और उनकी स्मृतियों को चिरस्थायी बनाएं।

उन्होंने कहा कि अमर शहीदों गैंदसिंह, वीर नारायण सिंह, मंगल पाण्डे, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, रानी लक्ष्मीबाई, रानी अवंतिबाई लोधी जैसी हजारों विभूतियों की शहादत हमें देश के लिए सर्वाेच्च बलिदान की प्रेरणा देती रहेगी।

स्वतंत्रता संग्राम और आजाद भारत को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, डॉ. भीमराव अम्बेडकर, लाल बहादुर शास्त्री, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, लाल-बाल-पाल, मौलाना अबुुल कलाम आजाद जैसी विभूतियों ने राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व दिया था। वहीं वीर गुण्डाधूर, पं. रविशंकर शुक्ल, ठाकुर प्यारेलाल सिंह,बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव, डॉ. खूबचंद बघेल, पं. सुंदरलाल शर्मा, डॉ. ई.राघवेन्द्र राव, क्रांतिकुमार, बैरिस्टर छेदीलाल, लोचन प्रसाद पाण्डेय, यतियतन लाल, डॉ. राधाबाई, पं. वामनराव लाखे, महंत लक्ष्मीनारायण दास, अनंतराम बर्छिहा, मौलाना अब्दुल रऊफ खान, हनुमान सिंह, रोहिणीबाई परगनिहा, केकतीबाई बघेल, श्रीमती बेलाबाई, इंदरू केंवट, उदय राम वर्मा, खिलावन बघेल, घसिया मंडल जैसे अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने राष्ट्रीय आंदोलन में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की थी, मैं इन सभी को सादर नमन करता हूं।

देश की एकता और अखण्डता, संविधान व लोकतंत्र के प्रति आस्था को बचाए रखना एक चुनौती थी और इसके लिए भी हमारे देश की सेनाओं व सुरक्षा बलों के जवानों ने बलिदानी दी है। मैं उन अमर बलिदानियों को भी सादर नमन करता हूं। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार की सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं का भी जिक्र किया।

मुख्यमंत्री के संदेश में पिहरीद के राहुल को भी बचाने का जिक्र

उन्होंने कहाकि हमारे प्रशासन व आपदा-मोचन बल की कुशलता और सक्षमता का प्रमाण जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम पिहरीद में खुले बोरवेल में गिरे एक बच्चे के बचाव और बाढ़ में फंसे 68 लोगों को सुरक्षित बचाने के दौरान भी दिखा। आपसी विश्वास, समन्वय, सद्भाव, एकता और समझदारी की बदौलत हम भावी चुनौतियों का मुकाबला भी पूरी क्षमता से करेंगे। आजादी की 75वीं वर्षगांठ से फिर एक नया सफर शुरू होगा, जो न्याय की हमारी विरासत के साथ आगे बढ़ेगा और ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ का लक्ष्य पूरा करेगा। मुझे विश्वास है कि आपका सहयोग और आशीर्वाद बना रहेगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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