जांजगीर-चांपा (नईदुनिया न्यूज)। आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर जिले में स्व सहायता समूह की महिलाएं हर घर तिरंगा अभियान के तहत राष्ट्रीय ध्वज तैयार करने में 15 दिन से लगातार जुटीं हुए है। अब तक 51 समूह की महिलाओं ने 35 हजार झंडे तैयार करते हुए 32 हजार झंडे का विक्रय करते हुए 3 लाख रुपये आमदनी अर्जित कर चुकी है।

जिले में आजादी का अमृत महोत्सव मनाने 'हर घर तिरंगा ' अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें तिरंगा निर्माण के लिए जिले की सिलाई, कढ़ाई में प्रशिक्षित समूह की महिलाएं तिरंगा झंडा गाइडलाइन के अनुसार बना रही है। समूह की महिलाएं जुलाई के अंतिम सप्ताह से झंडा निर्माण कर रही है। जो अगस्त में भी सतत रूप से जारी रहा। झंडा निर्माण के साथ ही उनका विक्रय भी किया जा रहा है। अब तक 35 हजार झंडा समूह की महिलाओं ने तैयार कर 32 हजार झंडे जिला से लेकर ग्राम पंचायत तक स्टाल लगाकर बिक्री की हैं। जिले में हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए 51 स्व सहायता समूह की 170 महिलाओं ने दिन-रात कड़ी मेहनत करते हुए झंडे तैयार किये है। जिससे उनको इस कार्य से रोजगार मिला है। राधे कृष्ण स्व सहायता समूह नवागढ़, आराधना समूह, सागर, दिव्या, शिवशंकर, जय मां अन्नापूर्णा, शिवशक्ति , जनजागरण, जय मां शारदा, संजीवनी, दिशा, उन्नाति, जागृति, लड्डू गोपाल लक्ष्मी दुर्गा सहित अन्य समूह झंडे बना रहे है।

हर साइज कई कीमत के झंडे उपलब्ध

हर साइज कई कीमत के झंडे समूह की महिलाएं तैयार कर रही हैं। यह भारत सरकार की ओर से निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार साइज और कपडे पर यह तिंरगे तैयार किए गए है। कलेक्टर सिन्हा ने सभी से अपने घर, संस्थान, स्कूल, कालेज सहित किसी भी कार्यालय में लगाने की अपील की है। स्टाल में आम नागरिकों को तिरंगा झंडा आसानी से उपलब्ध हो सके इसके लिए जिला से लेकर जनपद एवं ग्राम पंचायतों में स्टाल लगाए हैं। इन स्टाल में तिरंगा झंडा 10 रुपये, 50 रुपये 70 रुपये एवं 100 रुपये देकर प्राप्त किये जा सकते हैं।

मनरेगा परिवार से जुड़ेगा तिरंगा अभियान

मनरेगा से जुड़े परिवारों के घरों से तिरंगा अभियान से जुड़कर अभियान को सफल बनाया जाएगा। मनरेगा के परिवार को तिरंगा झंडे की जानकारी देकर अभियान से जुड़ने के लिए जनपद पंचायत कार्यक्रम अधिकारी, रोजगार सहायक को प्रचार प्रसार करने कहा गया है।

राखियों से भी मिला समूह की महिलाओं को रोजगार

समूह की महिलाओं ने राखियां बनाकर बिक्री की हैं। 35 स्व सहायता समूह की 210 महिलाओं द्वारा राखी तैयार कर लगभग 90 हजार रुपए की राखियों का विक्रय किया गया है। समूह की महिलाओं ने कमल के डंठल, केले के रेशे, मोती, रूद्राक्ष आदि की राखियां तैयार की थी।

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