सक्ती । सक्ती अब जिला तोबन गया है परंतु स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्था के मामले में अभी भी एक ग्राम पंचायत की तरह है। शनिवार को दोपहर 12 बजे के आसपास सड़क दुघर््ाटना के तीन मरीज पहुंचेउस समय ओपीडी में केवल एक ही डॉक्टर मौजूद थीं ।

एक्सीडेंट केस आने के कारण वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया और देखते ही देखते काफी लोग ड्रेसिंग रूम में जुट गए । इस वक्त वहां मौजूद स्टाफ को यह समझ नहीं आ रहा था कि वह किस को देखें और किस को ना देखें। उसके बाद भी वहां के कर्मचारियों ने अपनी सूझबूझ से बड़ी मुश्किल से माहौल को संभाला और घ्ाायलों का प्राथमिक उपचार किया गया।

अस्पताल में कई डाक्टरों की जरूरत है मगर ओपीडी में अक्सर एक ही डाक्टर की ड्यूटी रहती है। कई बार यहां कलेक्टर निरीक्षण कर चुकी हैं और व्यवस्था सुध्ाारने का निर्देश भी उन्होंने दिया है। मगर यहां की स्थिति नहीं सुध्ारी है। ओपीडी में जहां सामान्य सर्दी बुखार एवं अन्य बीमारियों का इलाज कराने वाले काफी संख्या मेंमरीज पहुंचते हैं वही इमरजेंसी केस भी आते हैं इसलिए यहां अतिरिक्त्ा डाक्टरों की ड्यूटी लगाए जाने की आवश्यकता है। यहां चिकित्सकों के अभाव कई मरीज रिफर भी कर दिए जाते हैं। व्यवस्था में सुध्ाार करने की मांग लगातार उठ रही है।

Posted By: Yogeshwar Sharma

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